Bihar Health Department: सदर अस्पताल में पत्रकार से मारपीट पर स्वास्थ्य मंत्री का सख्त एक्शन ,प्रभारी अधीक्षक समेत दो डॉक्टर्स पर गिरी गाज, पटना तलब

Bihar Health Department: सदर अस्पताल में मीडिया कर्मी के साथ कथित अभद्र व्यवहार और मारपीट के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ...

Bihar Health Department: सदर अस्पताल में पत्रकार से मारपीट प
प्रभारी अधीक्षक समेत दो डॉक्टर्स पर गिरी गाज- फोटो : reporter

Bihar Health Department: सहरसा सदर अस्पताल में मीडिया कर्मी के साथ कथित अभद्र व्यवहार और मारपीट के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन लाल को तत्काल प्रभाव से सहरसा सदर अस्पताल से हटाकर स्वास्थ्य विभाग, बिहार मुख्यालय पटना में योगदान देने का निर्देश दिया है। दोनों चिकित्सकों से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

मामला 12 सितंबर का है, जब मध्याह्न भोजन खाने के बाद बीमार हुए स्कूली बच्चों की रिपोर्टिंग के लिए एक डिजिटल न्यूज के पत्रकार सहरसा सदर अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान अस्पताल परिसर में पत्रकार और चिकित्सकों के बीच विवाद और कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। घटना के बाद सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित की थी।

मामले में अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग मिटाने का आरोप भी सामने आया। स्वास्थ्य विभाग की 18 सितंबर को जारी अधिसूचना में मीडिया कर्मी के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट के अलावा घटना स्थल पर पहले से लगे CCTV फुटेज को मिटाने के आरोप का भी उल्लेख किया गया है।

जिलाधिकारी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने दोनों चिकित्सकों को तत्काल मुख्यालय में योगदान करने का आदेश दिया। हालांकि, आरोपों के अंतिम निष्कर्ष के लिए विभागीय प्रक्रिया जारी है और दोनों डॉक्टरों से जवाब मांगा गया है।

इस कार्रवाई के बाद सहरसा सदर अस्पताल प्रशासन में हलचल बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधक सिम्पी कुमारी के खिलाफ भी स्थानांतरण और अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है, जब अस्पतालों में मरीजों, परिजनों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ मर्यादित व्यवहार तथा प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है।