Bihar NEET student death: दिल्ली में प्रदर्शन की भनक मिलते ही हरकत में आई सम्राट की पुलिस, जंतर मंतर पर NEET छात्रा हत्याकांड के न्याय महाजुटान पर कड़ी नजर, राहुल-प्रियंका हो सकते हैं शामिल
Bihar NEET student death: दिल्ली की फिज़ा आज सियासी नहीं, NEET छात्रा हत्याकांड के इंसाफ़ की गूंज से कांपने वाली है।
Bihar NEET student death: दिल्ली की फिज़ा आज सियासी नहीं, NEET छात्रा हत्याकांड के इंसाफ़ की गूंज से कांपने वाली है। NEET छात्रा हत्याकांड को लेकर रविवार को राजधानी में एक बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है। NEET छात्रा हत्याकांड संघर्ष समिति के बैनर तले होने वाले इस ऐतिहासिक जमावड़े में 5 से 10 हजार लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। दिल्ली NCR में रहने वाले बिहारियों के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग इस महाजुटान में शरीक होकर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा और दर्द सड़कों पर उतारेंगे।

इस आंदोलन में पीड़िता का पूरा परिवार भी शामिल होगा। मां-बाप और सात परिजन शनिवार शाम पटना से ट्रेन पकड़कर दिल्ली पहुंचे हैं। उनके लिए यह प्रदर्शन महज़ एक सभा नहीं, बल्कि बेटी के खून का हिसाब मांगने की खुली लड़ाई है।इस पूरे आंदोलन की पटकथा पर्दे के पीछे तैयार करने वालों में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव का नाम सबसे अहम रहा है। हालांकि वे इस आंदोलन का चेहरा बनने के बजाय बैकडोर से रणनीति संभाल रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, इसी मुद्दे को राष्ट्रीय फलक पर ले जाने के लिए उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राज़ी किया। कयास लगाए जा रहे हैं कि राहुल गांधी भी जंतर-मंतर पहुंच सकते हैं।
संघर्ष समिति के को-ऑर्डिनेटर ने साफ कहा है कि यह किसी पार्टी का नहीं, बल्कि आम जनता के आक्रोश का विस्फोट है। किसी नेता को न्योता नहीं दिया गया, लोग खुद जुड़ते चले गए। यूपी के राजीव राय और पूर्व DGP विक्रम सिंह की मौजूदगी भी तय मानी जा रही है।
दिल्ली में इस प्रदर्शन की तैयारी 26 जनवरी से चल रही थी, लेकिन कभी गणतंत्र दिवस तो कभी बजट सत्र आड़े आ गया। अब 8 फरवरी को अनुमति मिली है। पहले समय 2 से 5 बजे तय था, मगर पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद इसे बदलकर सुबह 10 से 2 बजे कर दिया गया है। संघर्ष समिति को आशंका है कि कहीं प्रशासन आखिरी वक्त में परमिशन ही न रद्द कर दे।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी को आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है। वे सदन से लेकर सड़क तक इस मामले में सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे थे। कुछ दिन पहले पीड़िता के गांव से न्याय यात्रा भी निकाली गई थी।
प्रदर्शन के बाद संघर्ष समिति प्रधानमंत्री को पत्र सौंपकर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, संदिग्धों से सघन पूछताछ, सबूत मिटाने वालों पर कार्रवाई और लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख्त कदम की मांग करेगी।आज दिल्ली की सड़कों पर सवालों की बौछार होगी और सरकार के पास जवाब देने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा।