भ्रष्टाचार की अकूत दौलत ने मंत्री को बना दिया अभिमानी: सुनील सिंह ने अशोक चौधरी को 'अरबपति' बताकर घेरा

Gemini ने कहा बिहार विधान परिषद के सदस्य और राजद नेता सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर भ्रष्टाचार और 'फर्जी डिग्री' के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है।

भ्रष्टाचार की अकूत दौलत ने मंत्री को बना दिया अभिमानी: सुनील

Patna - - राजद एमएलसी सुनील सिंह ने बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर भ्रष्टाचार और शैक्षणिक योग्यता को लेकर बेहद गंभीर और निजी हमले किए हैं। सुनील सिंह ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि मंत्री भ्रष्टाचार के जरिए अरबपति बन गए हैं और उनके पास अकूत संपत्ति जमा हो गई है। उन्होंने दावा किया कि इसी अकूत दौलत के कारण मंत्री में अहंकार आ गया है और वे सदन में जनता के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्षी सदस्यों को अपमानित करने का प्रयास करते हैं। 

भ्रष्टाचार और अकूत संपत्ति के गंभीर आरोप

सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनके पास भ्रष्टाचार से कमाई गई भारी-भरकम संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी पैसे के दम पर मंत्री का व्यवहार बदल गया है और वे छोटी-छोटी बातों पर अपना आपा खो देते हैं। एमएलसी ने स्पष्ट रूप से कहा कि मंत्री का चरित्र और उनकी कार्यशैली पूरे बिहार के सामने उजागर हो चुकी है और अब वे तथ्यों को छिपा नहीं सकते। 

'फर्जी डिग्री' को लेकर किया सनसनीखेज दावा

इस विवाद में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सुनील सिंह ने मंत्री की डिग्री पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने दावा किया कि अशोक चौधरी की नियुक्ति और उनके द्वारा किए गए शोध (Research) के दस्तावेजों में नाम की विसंगति है। सिंह के अनुसार, मंत्री ने 'अशोक कुमार चौधरी' के नाम पर पद संभाला है, जबकि उनके शोध पत्र में केवल 'अशोक कुमार' दर्ज है। उन्होंने इसे 'फर्जी डिग्री' का मामला बताते हुए मंत्री को खुली चुनौती दी कि अगर वे गलत हैं, तो उन पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए। 

किसानों के मुद्दों और रिश्वतखोरी पर घेराव

सुनील सिंह ने सदन के भीतर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब वे धान अधिप्राप्ति और किसानों के लक्ष्य को लेकर सवाल पूछते हैं, तो मंत्री संतोषजनक उत्तर देने के बजाय पुरानी बातों को याद दिलाने लगते हैं। सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में 'फोर्टिफाइड राइस कर्नल' (FRK) की खरीद में ₹40 प्रति किलो की दर से रिश्वत मांगी जा रही है, जो एक बड़े घोटाले का संकेत है। 

सदन के पटल पर साक्ष्य रखने की बात

भ्रष्टाचार के आरोपों को पुख्ता करने के लिए सुनील सिंह ने दावा किया कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्टेट फूड कॉर्पोरेशन (SFC) के अधिकारियों द्वारा लिखे गए पत्रों को सदन के पटल पर रखवा दिया है, ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। उन्होंने अंत में एक शेर पढ़ते हुए कहा कि "सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के वसूलों से, और खुशबू कभी आ नहीं सकती कागज के फूलों से", यह दर्शाता है कि वे इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के मूड में हैं।

रिपोर्ट - रंजन कुमार