टीबी मुक्त बिहार: 1 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 2.36 करोड़ लोगों की हुई स्क्रीनिंग, मीडिया कार्यशाला में सामने आए आंकड़े
Patna : टीबी मुक्त बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग एवं राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार द्वारा ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीज (GHS) के सहयोग से पटना में राज्य स्तरीय मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मीडिया प्रतिनिधियों को अभियान की उपलब्धियों, नवीन गतिविधियों और भविष्य की रणनीतियों से अवगत कराया गया।
लक्ष्य से दोगुना से अधिक हुई टीबी स्क्रीनिंग
राज्य स्वास्थ्य समिति की अपर कार्यपालक निदेशक डॉ. अनुपमा सिंह ने बताया कि मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव के मार्गदर्शन में 2 जुलाई 2026 से चलाए गए विशेष अभियान में 1 करोड़ के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 2.36 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान 87,623 से अधिक टीबी मरीजों की पहचान हुई, जिनमें 21,550 मरीज ऐसे थे जिनमें कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे। राज्य में 547 पंचायतों ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित सभी 6 मानकों को पूरा कर टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा हासिल किया है।
जांच और इलाज के लिए मजबूत ढांचा
राज्य में जांच और पहचान के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार अपडेट किया जा रहा है:
- आधुनिक उपकरण: 491 डिजिटल एक्स-रे मशीनें, 140 AI टूल आधारित अल्ट्रापोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें, 768 बाइनोक्युलर माइक्रोस्कोप, 89 CBNAAT और 562 Truenat मशीनें तैनात की गई हैं।
- विशेष अभियान व लैब: 4 लाइन प्रोब एसे एवं कल्चर DST लैब कार्यरत हैं और 11,055 उच्च जोखिम वाले गांवों में प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पहचान की जा रही है।
- निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण: 24 मार्च 2026 से आयोजित 5.4 लाख से अधिक शिविरों के जरिए निक्षय पोर्टल पर 298 लाख लोगों का पंजीकरण किया गया है।
मृत्यु दर में गिरावट और नवाचार
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान राज्य में 87,623 टीबी मामलों की पहचान की गई, जिसमें 21,550 लक्षण-विहीन टीबी मामले भी शामिल हैं। वहीं, 74,871 टीबी रोगियों (85 प्रतिशत) का डिफरेंशिएटेड टीबी केयर के लिए मूल्यांकन किया गया है। बिहार में वर्ष 2024 के लिए 88 प्रतिशत उपचार सफलता दर दर्ज की गई है। साथ ही, टीबी से होने वाली अनुमानित मृत्यु दर में भी कमी आई है। राज्य में अनुमानित टीबी मृत्यु दर 2023 में 21 प्रति लाख थी जो घटकर 2024 में 20 प्रति लाख हो गई है।
समग्र सरकार दृष्टिकोण और मीडिया से अपील
डॉ. अनुपमा सिंह ने अपील की कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। 'समग्र सरकार' (Whole of Government) दृष्टिकोण के तहत माय भारत स्वयंसेवकों, एनसीसी, पंचायत प्रतिनिधियों और जिला स्तरीय टीबी मुक्त भारत समितियों को जोड़ा जा रहा है। उन्होंने मीडिया से समय पर जांच, उपचार पूरा करने और टीबी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
प्रिय दर्शन की रिपोर्ट