टीबी मुक्त भारत अभियान अब बनेगा जन-आंदोलन, युवाओं की भागीदारी से बिहार में मिटेगा टीबी का नामोनिशान : मंगल पांडेय

टीबी मुक्त भारत अभियान अब बनेगा जन-आंदोलन, युवाओं की भागीदार
टीबी मुक्त भारत अभियान अब बनेगा जन-आंदोलन- फोटो : प्रिय दर्शन

Patna : पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा टीबी उन्मूलन को लेकर बुलाई गई हाई लेवल बैठक के निर्णयों का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि देश से टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए युवाओं, मेडिकल छात्रों, एनसीसी कैडेट्स और रक्षा कर्मियों को इस अभियान से जोड़ना एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। मंगल पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "टीबी मुक्त भारत" के महासंकल्प को पूरा करने में बिहार अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगा।


बिहार में पूरी ताकत से धरातल पर उतारा जा रहा 'टोली मॉडल'

श्री पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ऊर्जावान नेतृत्व में बिहार का स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ’’टीबी मुक्त भारत टोली मॉडल’’ और ’’लीड निक्षय मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम’’ को बिहार में पूरी ताकत के साथ धरातल पर उतारा जा रहा है। इन विशेष प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में टीबी के नए मामलों में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है और मरीजों को सही समय पर बेहतर इलाज मिल रहा है।


अंतर-मंत्रालयी पहल से 'जन-आंदोलन' बनेगा टीबी उन्मूलन अभियान

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में इस अभियान को एक सरकारी कार्यक्रम से ऊपर उठाकर अब एक राष्ट्रव्यापी ’’जन-आंदोलन’’ का रूप दिया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की दूरदर्शी सोच की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि आज स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ युवा कार्यक्रम, श्रम एवं रोजगार और रक्षा मंत्रालय मिलकर इस राष्ट्रीय मिशन में एकजुट हुए हैं। स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ने से गांवों और शहरों के अंतिम व्यक्ति तक टीबी जांच और जागरूकता की पहुंच सुनिश्चित होगी।


नीतीश कुमार के कार्यकाल में शुरू हुई योजनाओं को मिली मजबूती

बिहार में टीबी उन्मूलन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री पांडेय ने कहा कि राज्य में पूर्व से ही टीबी के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में उनके स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए राज्य में 'निक्षय पोषण योजना' को बेहद सुदृढ़ किया गया था, जिसके तहत डीबीटी (DBT) के माध्यम से मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए सीधे उनके बैंक खाते में आर्थिक सहायता राशि भेजी जाती है।


'टीबी हारेगा, देश जीतेगा' अभियान के तहत सुदूर गांवों तक पहुंची जांच मशीनें

उन्होंने आगे कहा कि ’’टीबी हारेगा, देश जीतेगा’’ अभियान के तहत बिहार की पंचायतों और वार्ड स्तर तक 'एक्टिव केस फाइंडिंग' मुहिम चलाकर हजारों मरीजों की पहचान की गई और उन्हें मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। बिहार के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में किए गए व्यापक सुधारों का ही नतीजा है कि आज सूबे के सुदूर ग्रामीण इलाकों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी टीबी की अत्याधुनिक जांच मशीनें मुफ्त सेवा के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।


प्रिय दर्शन की रिपोर्ट