Bihar News : मानव तस्करी के पीड़ितों को समाज की मुख्य धारा में लाना ही न्याय का अंतिम लक्ष्य: सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस ए. अमानुल्लाह

Bihar News : सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दायित्व केवल मानव तस्करी के अपराधियों को सजा दिलाने और पीड़ितों के पुनर्वास तक ही सीमित नहीं है।

Bihar News : मानव तस्करी के पीड़ितों को समाज की मुख्य धारा म
मानव तस्करी पर कॉन्फ्रेंस- फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दायित्व मानव तस्करी के अपराधियों को सजा दिलाने और पीड़ितों के पुनर्वास देखने तक ही नहीं है ,बल्कि न्याय अपने अंतिम लक्ष्य को तभी पहुंचता है ,जब इन घृणित अपराध के पीड़ितों  समाज अपनी मुख्य धारा में लाता है। सुप्रीम कोर्ट  के जज जस्टिस  ए. अमानुल्लाह ने कहा कि सिर्फ सरकार और अदालतें नहीं कर सकती ,बल्कि इसमें आदर्श नागरिकों को आगे बढ़कर उन पीड़ितों को अपनाना होगा, जिन्हें खुद  उनका परिवार तक त्याग देता है। 

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने  पटना के ज्ञान भवन मे  लापता बच्चे व मानव तस्करी पर आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में कहा। 

मानव तस्करी को रोकने और इस घिनौने अपराध के शोषित पीड़ितों के पुनर्वास हेतु देश भर में एक ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रिसिडियर ( एसओपी) लागू करने हेतु सुप्रीम कोर्ट ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित किया है, जिसके अध्यक्ष  व सदस्य गण  पटना में कॉन्फ्रेंस किए। बिहार सरकार के गृह और पुलिस विभाग की तरफ से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का  उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बतौर मुख्य अतिथि दीप  प्रज्ज्वलित कर किया। 

इस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस अमानुल्लाह के साथ पटना हाई कोर्ट के जज राजीव रंजन प्रसाद और मोहित कुमार शाह , उक्त कमिटी की अध्यक्ष व सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट मुक्ता गुप्ता ,समिति के अन्य सदस्य , केंद्रीय गृह मंत्रालय के विशेष सचिव राजीव कुमार , बिहार के महाधिवक्ता सत्यदर्शी संजय ने मंच साझा किया। इस अवसर पर पटना हाई कोर्ट के जज, महानिबंधक ,बड़ी संख्या अधिवक्तागण और निचली अदालतों से आए न्यायिक पदाधिकारी भी मौजूद थे। धन्यवाद ज्ञापन , बिहार के सीआईडी , कमजोर वर्ग की अपर पुलिस महानिदेशक के. सुनीता अनुपम ने किया ।