Bihar News : बिहार में आई नहीं, लाई गई है बाढ़, तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर किया हमला, कहा- आपदा के नाम पर हो रहा हजारों करोड़ का गबन
Bihar News : नेता प्रतिपक्ष श्री तेजवैन्यादव ने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति चिंताजनक और गंभीर हैं।
PATNA : बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कच्ची दरगाह-गंगा ब्रिज से बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की परेशानियों को देखा और मीडिया से बातचीत में कहा कि राघोपुर के दियारा इलाके में हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ने से मुश्किलें पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भी लोगों को पीने के पानी से लेकर आने-जाने तक की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुँचे तेजस्वी ने जमीनी स्थिति को बेहद चिंताजनक और गंभीर करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जमीनी सच्चाई दावों से कोसों दूर है और बिहार सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और बचाव के लिए कोई समुचित व ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।
"बाढ़ आई नहीं, भ्रष्टाचारियों द्वारा लाई गई है"
सरकारी व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ प्राकृतिक आपदा से ज्यादा प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बाढ़ आई नहीं है, बल्कि लाई गई है ताकि भ्रष्टाचारी और एनडीए के नेता इस सैलाब में भ्रष्टाचार का गोता लगा सकें। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत के नाम पर जनता की कमाई का बंदरबांट किया जा रहा है।
तटबंधों के नाम पर हजारों करोड़ के गबन का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने एनडीए सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष तटबंध निर्माण, कटाव निरोधी कार्यों, आपदा प्रबंधन और बाढ़ राहत शिविरों के नाम पर 4 से 5 हज़ार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च दिखाया जाता है। इसके बावजूद हर साल बांध टूट जाते हैं और जनता को तबाही झेलनी पड़ती है। उन्होंने सीधा सवाल दागा कि जब इतना पैसा पानी की तरह बहाया जाता है तो बांध बार-बार कैसे टूट जाते हैं?
डबल इंजन सरकार के पास कोई विजन नहीं
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की तथाकथित 'डबल इंजन सरकार' बाढ़ संकट का स्थायी और ठोस समाधान खोजने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। एनडीए सरकार के पास इस विभीषिका से निपटने के लिए न तो कोई दीर्घकालिक योजना है और न ही कोई स्पष्ट विजन। सरकार की इसी अदूरदर्शिता का खामियाजा बिहार की आम जनता को हर साल अपनी जान और माल का नुकसान सहकर चुकाना पड़ रहा है।
रंजन की रिपोर्ट