परिवहन विभाग में असमंजस : प्रमोशन के बाद भी एडीटीओ पद पर अटके 18 अफसर, बिप्रसे अधिकारियों की तैनाती से बढ़ा संकट
बिहार के परिवहन विभाग में इन दिनों प्रमोशन और पोस्टिंग को लेकर अधिकारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।वर्तमान में ऐसे 18 अधिकारी हैं जो डीटीओ या समकक्ष स्तर के पद पर प्रोन्नत हो चुके हैं, लेकिन किसी को भी डीटीओ के पद पर तैनात नहीं किया गया है
Patna : बिहार के परिवहन विभाग में इन दिनों प्रमोशन और पोस्टिंग को लेकर अधिकारियों के बीच भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभाग ने वर्ष 2024 से 2026 के बीच परिवहन सेवा के करीब डेढ़ दर्जन मोटरयान निरीक्षकों (MVI) को पदोन्नति देकर पहले अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO) और फिर जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) बनाया। वर्तमान में ऐसे 18 अधिकारी हैं जो डीटीओ या समकक्ष स्तर के पद पर प्रोन्नत हो चुके हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इनमें से किसी को भी डीटीओ के पद पर तैनात नहीं किया गया है। ये सभी अधिकारी आज भी एडीटीओ के पद पर ही कार्य करने को मजबूर हैं।
खाली जिलों में बिप्रसे अधिकारियों का कब्जा
परिवहन सेवा के प्रोन्नत अधिकारियों के भविष्य पर संकट तब और गहरा गया, जब बिहार सरकार ने पिछले दो-तीन दिनों के भीतर बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) के 14 अधिकारियों को विभिन्न जिलों में डीटीओ के पद पर पदस्थापित कर दिया। बिप्रसे के कई अधिकारी पहले से ही कई जिलों में डीटीओ की कमान संभाल रहे हैं। अब अधिकांश खाली पड़े जिलों में भी बिप्रसे अधिकारियों की तैनाती से यह सवाल खड़ा हो गया है कि परिवहन सेवा से प्रोन्नत होकर डीटीओ बने इन अफसरों की पोस्टिंग आखिर कहाँ होगी?
अधिकारियों के मन में सुलग रहे हैं कई सवाल
जिले स्तर के सभी उच्चतर पद बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से भर जाने के बाद परिवहन सेवा के अधिकारियों में गहरी निराशा है। उनके मन में कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
- क्या इन प्रोन्नत अधिकारियों को आगे भी एडीटीओ के पद पर ही बनाए रखा जाएगा?
- अगर इन्हें एडीटीओ के पद पर ही रखना था, तो फिर विभाग द्वारा इन्हें डीटीओ पद पर प्रमोशन ही क्यों दिया गया?
- क्या विभाग के पास परिवहन सेवा के अपने कैडर के अधिकारियों के लिए कोई ठोस नीति नहीं है?
मुख्यमंत्री सचिवालय में अटकी ट्रांसफर-पोस्टिंग की फाइल
सूत्रों के अनुसार, परिवहन विभाग इसी साल जून महीने में इन प्रोन्नत डीटीओ अधिकारियों का स्थानांतरण व पदस्थापन करना चाहता था, लेकिन प्रशासनिक पेच के कारण मामला उलझ गया। नियमतः 30 जून तक यह ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं हो सकी, जिसके बाद यह फाइल मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंच गई। नतीजा यह हुआ कि आज की तारीख तक परिवहन सेवा के इन प्रोन्नत अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का मामला अधर में लटका हुआ है।
इन 12 जिलों में हुई बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) अफसरों की तैनाती
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 10 जुलाई को पूर्णिया और मधेपुरा में बिप्रसे अधिकारियों की तैनाती के बाद, 12 जुलाई को 12 और जिलों में नए डीटीओ की सूची जारी की गई। इसके तहत निम्नलिखित अधिकारियों को तैनात किया गया है:
| अधिकारी का नाम | नया पदस्थापन (जिला) | पूर्व पद / विवरण |
| कोमल किरण | किशनगंज | डीसीएलआर, मसौढ़ी |
| अमित राज | पश्चिम चंपारण | जिला परिवहन पदाधिकारी |
| डेजी रानी | कटिहार | जिला परिवहन पदाधिकारी |
| वीरेंद्र कुमार | जहानाबाद | जिला परिवहन अधिकारी |
| निशांत कुमार | सीतामढ़ी | जिला परिवहन अधिकारी |
| प्रवीण कुमार | समस्तीपुर | जिला परिवहन अधिकारी |
| प्रशांत रमानिया | बक्सर | जिला परिवहन अधिकारी |
| आलोक चंद्र चौधरी | - | जिला परिवहन अधिकारी |
| प्रियंका सिन्हा | मुजफ्फरपुर | जिला परिवहन अधिकारी |
| रंजीत कुमार | नवादा | जिला परिवहन अधिकारी |
| ललित राही | औरंगाबाद | जिला परिवहन अधिकारी |
| निकिता कुमारी | अरवल | जिला परिवहन पदाधिकारी |
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री सचिवालय में अटकी परिवहन सेवा के मूल कैडर के 18 अधिकारियों की फाइल पर सरकार क्या फैसला लेती है।