Bihar teachers: शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए हर सप्ताह लगेगा जनता दरबार, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

Bihar teachers: जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय (स्थापना) की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, हर शनिवार को सभी प्रखंडों में जनता दरबार लगाया जाएगा।

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बिहार के शिक्षकों को मिलेगी राहत- फोटो : social media

Bihar teachers: समस्तीपुर जिले में कार्यरत शिक्षकों को अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निपटारे के लिए बड़ा कदम उठाते हुए हर सप्ताह जनता दरबार आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत अब प्रखंड स्तर पर ही शिक्षकों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनका समाधान किया जाएगा।

हर शनिवार प्रखंड स्तर पर होगी शिकायतों की सुनवाई

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय (स्थापना) की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, हर शनिवार को सभी प्रखंडों में जनता दरबार लगाया जाएगा। इसमें शिक्षक अपनी सेवा से जुड़ी समस्याएं, लंबित कार्य, वेतन, स्थानांतरण, पदस्थापन या अन्य प्रशासनिक शिकायतें रख सकेंगे। जनता दरबार का उद्देश्य शिक्षकों को जिला कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत देना है।

शिक्षक संगठनों से बातचीत के बाद लिया गया निर्णय

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला शिक्षक संगठनों के साथ हुई बातचीत और मांगों के बाद लिया गया है। विभाग का मानना है कि प्रखंड स्तर पर ही समस्याओं का समाधान होने से समय की बचत होगी और अनावश्यक विलंब से भी छुटकारा मिलेगा।

एक से अधिक प्रखंड का प्रभार होने पर विशेष व्यवस्था

निर्देश में यह भी कहा गया है कि जिन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के पास एक से अधिक प्रखंडों का प्रभार है, वे अपने क्षेत्र में अलग-अलग दिनों में जनता दरबार आयोजित करेंगे। इसके लिए साप्ताहिक कार्य दिवस पहले से निर्धारित किया जाएगा, ताकि सभी शिक्षकों को बराबर अवसर मिल सके।

लंबित मामलों की सूची बनाकर होगी आगे की कार्रवाई

जनता दरबार में सामने आए मामलों की सूची तैयार की जाएगी और आवश्यक दस्तावेजों के साथ उन्हें जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) कार्यालय को भेजा जाएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए।

शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद

शिक्षा विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का मकसद समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इस फैसले से जिले के हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। शिक्षकों का मानना है कि जनता दरबार से उनकी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचेंगी और समाधान भी तेजी से होगा।