Bihar News: नवरात्र की खुशियों के बीच काल बनकर आई ट्रेन, 3 साल के मासूम प्रेम की मौत, दो बच्चे जख्मी

Bihar News: नवरात्र में जहां घर-घर मां दुर्गा की आराधना हो रही है और श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि व बच्चों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं, वहीं सारण जिले के एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। ...

Saran Train Accident
काल बनकर आई ट्रेन- फोटो : reporter

Bihar News: नवरात्र में जहां घर-घर मां दुर्गा की आराधना हो रही है और श्रद्धालु अपने परिवार की सुख-समृद्धि व बच्चों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं, वहीं सारण जिले के एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। मढ़ौरा थाना क्षेत्र के टेढ़ा हॉल्ट के समीप रविवार की अहले सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे में तीन वर्षीय मासूम प्रेम कुमार की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसे की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। जिस आंगन में मासूम की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब परिजनों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है। त्योहार की रौनक के बीच इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।

रेलवे ट्रैक के पास खेल रहे थे तीनों बच्चे, अचानक आ गई ट्रेन

ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, मढ़ौरा थाना क्षेत्र के टेढ़ा गांव निवासी पवन कुमार का तीन वर्षीय पुत्र प्रेम कुमार, दीपक कुमार की चार वर्षीय पुत्री अंबिका कुमारी और एक अन्य बच्चा घर के समीप रेलवे ट्रैक के पास खेल रहे थे। इसी दौरान पटना की ओर जाने वाली पाटलिपुत्र एक्सप्रेस वहां से गुजरने लगी। बताया जा रहा है कि इसी दौरान तीनों बच्चे ट्रेन की चपेट में आ गए।हादसा इतना भयावह था कि प्रेम कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अंबिका कुमारी का एक पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। तीसरा बच्चा ट्रेन के झटके से दूर जा गिरा और उसे भी चोटें आईं। अचानक हुई इस दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग आनन-फानन में बच्चों की मदद के लिए दौड़े।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मासूम को किया मृत घोषित

हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण घायल बच्चों को तत्काल मढ़ौरा अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने तीन वर्षीय प्रेम कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल अंबिका कुमारी का इलाज जारी है। तीसरे बच्चे को भी हादसे में चोटें आने की बात सामने आई है।मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपने जिगर के टुकड़े को खोने के बाद माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बच्चे के भविष्य को लेकर परिवार ने अनगिनत सपने संजोए होंगे, उसकी असमय मौत ने उन सपनों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।

नवरात्र में मातम, टेढ़ा गांव में पसरा सन्नाटा

नवरात्र का पर्व मां दुर्गा की आराधना, आस्था और परिवार की खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु अपने बच्चों की लंबी उम्र और घर-परिवार की सलामती की मन्नतें मांगते हैं। लेकिन टेढ़ा गांव के इस परिवार के लिए पर्व की खुशियां असहनीय पीड़ा में बदल गईं।हादसे की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन मासूम की मौत से उपजे गम को कम कर पाना किसी के लिए आसान नहीं है।रेलवे ट्रैक के समीप बच्चों के खेलने की यह दर्दनाक घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। फिलहाल हादसे से प्रभावित परिवार गहरे सदमे में है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

रिपोर्ट- धर्मेंद्र रस्तोगी