बेटियों के नाम पर होगा गांवों का विकास: गली, चौक और पोखरों का नामकरण अब नन्ही राजकुमारियों के नाम, पंचायती राज मंत्री की बड़ी घोषणा

बिहार के गांवों में अब बेटियों के नाम पर होगा गलियों और पोखरों का नामकरण। मंत्री दीपक प्रकाश ने खैरा भुतहा में 'आराध्या छठ घाट' का उद्घाटन कर नारी सशक्तिकरण की नई पहल की घोषणा की।

बेटियों के नाम पर होगा गांवों का विकास: गली, चौक और पोखरों क

Sasaram-  बिहार में नारी सशक्तिकरण को एक नई और जमीनी पहचान मिलने जा रही है। अब गांवों की गलियां, आहार, पोखर और चौक-चौराहों का नामकरण स्थानीय बेटियों के नाम पर किया जाएगा। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने रोहतास जिले के खैरा भुतहा गांव में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस ऐतिहासिक पहल की घोषणा की।

'आराध्या छठ घाट' से हुई नई परंपरा की शुरुआत


नवरात्र के पावन अवसर पर मंत्री दीपक प्रकाश ने खैरा भुतहा ग्राम में षष्ठम राज्य वित्त आयोग से लगभग 3.5 लाख रुपये की लागत से बने नवनिर्मित छठ घाट का उद्घाटन किया। इस घाट का नामकरण गांव की ही एक नन्ही बेटी आराध्या (संजय प्रसाद की पुत्री) के नाम पर किया गया। अब यह घाट आधिकारिक रूप से 'आराध्या घाट' के नाम से जाना जाएगा।

डॉ. मधु उपाध्याय की पहल को मिला सरकारी विस्तार

मंत्री ने इस दौरान स्वच्छता आइकॉन डॉ. मधु उपाध्याय के प्रयासों की व्यापक सराहना की। उन्होंने बताया कि चांदी पंचायत में पहले से ही डॉ. उपाध्याय के कार्यकाल के दौरान कई आहार, तालाब और गलियों का नाम बेटियों के नाम पर रखा गया है। अब पंचायती राज विभाग इस मॉडल को पूरे राज्य में एक सरकारी योजना के रूप में प्राथमिकता देते हुए इसकी रूपरेखा तैयार करेगा।

बेटियां ही हैं समाज की शक्ति और भविष्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि बेटियों का सम्मान समाज की प्रगति और मानवीय मूल्यों का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेटियां केवल परिवार की खुशी नहीं, बल्कि समाज की शक्ति और भविष्य का प्रतीक हैं। विकास योजनाओं को बेटियों के नाम से जोड़ना 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को नई मजबूती देगा।  मुख्यमंत्री कन्या उत्थान और कन्या सुरक्षा जैसी योजनाओं के साथ-साथ यह सामाजिक पहल भी मील का पत्थर साबित होगी।

दिग्गज नेताओं ने भी सराहा यह प्रयास

इस अवसर पर विधान पार्षद निवेदिता सिंह, अशोक कुमार पांडेय, डिहरी विधायक सोनू सिंह और दिनारा विधायक आलोक सिंह ने भी इस पहल की सराहना की। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर लागू करने की जरूरत है।