Bihar News : आजाद हिंद फौज के संस्थापक नितेश महाराज रंगदारी मामले में घिरे, खुद को बताया निर्दोष, विधायक और प्रखंड प्रमुख पर लगाया साजिश का आरोप
SHEOHAR : बेलसंड विधानसभा से जन सुराज की उम्मीदवार रहीं अर्पणा सिंह के पति और आजाद हिंद फौज संगठन के संस्थापक नितेश सिंह उर्फ 'नितेश महाराज' ने अपने ऊपर लगे रंगदारी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। तरियानी के पूर्व प्रमुख से रंगदारी मांगने के मामले में नामजद नितेश महाराज ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी साजिश उनकी पत्नी के जन सुराज से चुनाव लड़ने और उनकी बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के कारण रची गई है।
डिजिटल सबूतों के साथ पेश की बेगुनाही
नितेश महाराज ने घटना के समय अपनी उपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि 31 जनवरी 2026 की शाम 6 बजे, जब रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है, वह घटनास्थल से लगभग 150 किलोमीटर दूर थे। उन्होंने साक्ष्य के तौर पर शाम 5:21 बजे का ऑनलाइन टोल भुगतान रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और फोटो पुलिस को सौंपे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास मौजूद डिजिटल प्रमाण यह साबित करने के लिए काफी हैं कि वह उस समय गांव में मौजूद ही नहीं थे।
विधायक और पूर्व प्रमुख पर गंभीर आरोप
नितेश सिंह ने सीधे तौर पर बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू और पूर्व तरियानी प्रखंड प्रमुख बैकुंठ सिंह पर उन्हें फंसाने का आरोप जड़ा है। उन्होंने कहा कि पंचायत और विधानसभा चुनाव की रंजिश के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। महाराज ने कहा, "हमारी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर राजनीतिक विरोधियों ने यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया है, लेकिन मुझे देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।"
विधायक अमित रानू का पलटवार
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू ने स्पष्ट किया कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, "यह उनके पंचायत का निजी मामला है। एक जनप्रतिनिधि के तौर पर मेरे लिए सभी समान हैं।" विधायक ने नितेश महाराज के आपराधिक इतिहास पर तंज कसते हुए कहा कि उन पर पहले भी कई जिलों में मामले दर्ज हैं; उस समय तो मैं विधायक भी नहीं था, तब उन्हें किसने फंसाया था?
नक्सल विरोधी छवि और सियासी रार
गौरतलब है कि नितेश महाराज पूर्व में नक्सलियों के खिलाफ 'आजाद हिंद फौज' नामक संगठन बनाने को लेकर चर्चा में रहे हैं। अब रंगदारी के इस नए मामले ने क्षेत्र में सियासी पारा बढ़ा दिया है। एक तरफ जहाँ नितेश महाराज इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और टोल प्लाजा के रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मनोज की रिपोर्ट