Bihar News : जदयू ने पति से वापस ले लिया था टिकट, पत्नी को बनाया मंत्री, जानिए श्वेता गुप्ता के सियासी सफ़र की कहानी
SHEOHAR : समय कब किसका परिवर्तन हो जाता है यह बताना बहुत मुश्किल है। शिवहर के विधायक और बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता के पति डॉ वरुण कुमार को 2019 में सीतामढ़ी से जदयू ने लोकसभा उम्मीदवार के रूप में टिकट दिया था। परिस्थितियां ऐसी बनी की वापस जदयू नेतृत्व में उनसे टिकट ले लिया। फिर उसके बाद वह लगातार राजनीति से दूर रहे।
अचानक पिछले विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी डॉक्टर श्वेता गुप्ता को शिवहर से जदयू का टिकट दिया गया। पहली बार में ही विधायक बनने के बाद उन्हें बाकायदा समाज कल्याण विभाग का मंत्री भी बना दिया गया। क्षेत्र में चर्चा है कि जहां उनके पति से टिकट वापस ले लिया गया था। आज पत्नी ने मंत्री बनकर उनके सपनों को पूरा किया है। डॉ. श्वेता गुप्ता का नाम सबसे अधिक चर्चा में है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई कैबिनेट में उन्हें जगह मिलना न केवल उनके बढ़ते राजनीतिक कद को दर्शाता है, बल्कि यह प्रदेश की आधी आबादी और वैश्य समाज को साधने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। डॉ. श्वेता गुप्ता बिहार की राजनीति का एक नया और उभरता हुआ चेहरा हैं। वह शिवहर विधानसभा से जनता दल (यूनाइटेड) की विधायक हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में लंबी सेवा दी है और सीतामढ़ी व शिवहर के इलाकों में एक कुशल चिकित्सक के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनके पति डॉ. वरुण कुमार भी सीतामढ़ी के जाने-माने चिकित्सक हैं और अस्पताल, विद्यालय व आतिथ्य व्यवसाय का संचालन करते हैं।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में डॉ. श्वेता गुप्ता ने शिवहर सीट से जीत दर्ज कर इतिहास रचा — वह इस सीट की पहली महिला विधायक बनीं। उनकी सौम्य छवि, उच्च शिक्षा और बेदाग राजनीतिक रिकॉर्ड को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी ने उन पर भरोसा जताया। डॉ. श्वेता गुप्ता को मंत्रिमंडल में शामिल कर एनडीए ने शिवहर-सीतामढ़ी बेल्ट में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया है। करीब 30 वर्षों के बाद रघुनाथ झा के बाद शिवहर विधानसभा को मंत्री बनने का सौभाग्य मिला है।
शिवहर से मनोज कुमार की रिपोर्ट