बीरपुर न्यायालय परिसर में आयोजित हुआ विधिक जागरूकता और सहायता शिविर, वरिष्ठ नागरिकों को दी गई विधिक सेवाओं की जानकारी

बीरपुर न्यायालय परिसर में आयोजित हुआ विधिक जागरूकता और सहायत
विधिक जागरूकता और सहायता शिविर का आयोजन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के तत्वावधान एवं अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति, बीरपुर के समन्वय से बीरपुर न्यायालय परिसर में “वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, कल्याण एवं न्याय तक पहुंच” विषय पर एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम-सह-विधिक सहायता एवं सुविधा शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार बच्चन ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ मिलकर परिसर में पौधरोपण किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी सक्रिय भागीदारी का एक सशक्त संदेश देने वाली रही।


विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति और उद्देश्य

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन ने की। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय शंकर, प्राधिकार के सचिव अमित गौरव, अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी सुरभि सिंघानिया, मुंसिफ विकास कुमार और न्यायिक दंडाधिकारी रमीजुर रहमान समेत बीरपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण रैन, सचिव एस.पी. मंडल, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज के अनुभव और ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत हैं, जिनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना और उन्हें आवश्यक सहायता देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।


कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष विनय शंकर और प्राधिकार के सचिव अमित गौरव ने वरिष्ठ नागरिकों को उपलब्ध विधिक संरक्षण और न्याय तक उनकी सुगम पहुंच के बारे में विस्तार से बताया। अमित गौरव ने जानकारी दी कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा निःशुल्क कानूनी सलाह, परामर्श और आवश्यकतानुसार विधिक प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बुजुर्गों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की स्थिति में प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की।


साइबर सुरक्षा और सुरक्षित बैंकिंग के प्रति किया गया जागरूक

शिविर के दौरान वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के लिए बैंक प्रतिनिधियों और साइबर पुलिस अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। बैंक प्रतिनिधियों ने एटीएम, डेबिट कार्ड, ओटीपी, पिन, यूपीआई और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया। वहीं साइबर पुलिस ने फर्जी कॉल, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी लिंक और डिजिटल भुगतान से जुड़ी धोखाधड़ी के तरीकों के बारे में बताया तथा साइबर अपराध होने पर तुरंत पुलिस की सहायता लेने व शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई।


स्वास्थ्य जांच और विधिक सहायता डेस्क का लाभ

स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों द्वारा वृद्धावस्था में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं, नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेसिक स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सीय परामर्श शिविर भी लगाया गया, जिसका उपस्थित लोगों ने भरपूर लाभ उठाया। इसके अलावा, विधिक सहायता डेस्क के माध्यम से बुजुर्गों की व्यक्तिगत समस्याओं को सुनकर पैनल अधिवक्ताओं और पारा विधिक स्वयंसेवकों द्वारा उचित कानूनी मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे यह आयोजन अत्यंत सफल और उपयोगी साबित हुआ।

विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट