बिहार MLC चुनाव : पीके ने नीतीश कुमार को दी खुली चुनौती, कहा—नीरज कुमार के समर्थन का वीडियो जारी कर करें, हम वापस ले लेंगे अपना प्रत्याशी

प्रशांत किशोर ने एकबार फिर एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। सुपौल में उन्होंने कहा कि मेरा पूर्व सीएम नीतीश कुमार को खुली चुनौती है कि वे नीरज कुमार के समर्थन का 1 मिनट का वीडियो जारी कर करें, हम अपना प्रत्याशी वापस ले लेंगे...

बिहार MLC चुनाव : पीके ने नीतीश कुमार को दी खुली चुनौती, कहा
पीके का नीतीश कुमार को खुली चुनौती- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर आयोजित चुनावी संवाद सम्मेलन में जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर राजनीतिक समर्थन मांगने वाले नेताओं को खुली चुनौती दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वास्तव में नीरज कुमार का समर्थन कर रहे हैं, तो उन्हें एक मिनट का वीडियो जारी कर उनके पक्ष में मतदान की अपील करनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने ऐलान किया कि यदि ऐसा होता है, तो वह नीतीश कुमार के सम्मान में अपना प्रत्याशी वापस लेने के लिए तैयार हैं। कोसी क्षेत्र से जनसुराज के प्रत्याशी रजनीश रंजन के समर्थन में आयोजित इस सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया और उन्हें मिठाई के बराबर तराजू पर तौलने का अनूठा कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।


यादव समाज के बच्चों की मौत और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर तीखे सवाल

सभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने यादव समाज के नाम पर राजनीति करने और वोट मांगने वाले नेताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इन नेताओं को समाज की इतनी ही चिंता है, तो समाज के बच्चों की मौत और गोलीबारी की घटनाओं पर वे चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से पूछा कि क्या उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से यह कहा है कि किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाकर गोली मारना गलत है? साथ ही, उन्होंने एलके यादव के बयान को भी सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, इस घटना पर उन्होंने खुद संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पटना लौटने के बाद वे पीड़ित परिवारों से मिलने का प्रयास करेंगे।


10 हजार युवाओं को रोजगार और शिक्षकों के सातवें वेतनमान का बड़ा वादा

चुनावी सम्मेलन के दौरान प्रशांत किशोर ने युवाओं और शिक्षकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वादा किया कि क्षेत्र के 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाई जाएगी। इसके अलावा, विद्यालय अध्यापक, विशिष्ट, नियोजित और वित्त रहित समेत विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लोकसभा चुनाव से पहले शिक्षकों को यह लाभ नहीं मिला, तो वे वोट मांगने नहीं आएंगे। साथ ही, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने के लिए मानक तय करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।


मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों में असंतोष है और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकतंत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, उन्होंने पुराने और दिग्गज नेताओं से अपील की कि उन्हें अब परिवारवाद से ऊपर उठकर नई पीढ़ी के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट