अस्पताल में बवाल कर वीडियो वायरल करना पड़ा महंगा, डॉक्टरों से अभद्रता के आरोप में होगा गया FIR दर्ज

सुपौल जिले में अस्पताल में दवा नहीं मिलने की शिकायत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथअभद्र व्यवहार करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में उसपर मामला दर्ज हुआ है....

अस्पताल में बवाल कर वीडियो वायरल करना पड़ा महंगा, डॉक्टरों स
अस्पताल में बवाल कर वीडियो वायरल करना पड़ा महंगा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul :  जिले के राघोपुर रेफरल अस्पताल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अस्पताल में दवा नहीं मिलने की शिकायत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार करने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में राघोपुर थाना में एक नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। अस्पताल प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आवेदन पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर कानूनी जांच शुरू कर दी है।


नारायणपुर के निवासी पर डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज करने का आरोप

अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद बीते 15 जुलाई को शुरू हुआ था। राघोपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव के निवासी शिव शंकर मेहता अपने किसी निजी कार्य या इलाज के सिलसिले में रेफरल अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल में कुछ दवाइयां उपलब्ध न होने से नाराज होकर वे भड़क गए और वहां मौजूद ऑन-ड्यूटी चिकित्सकों एवं महिला-पुरुष स्वास्थ्यकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक करने लगे। बात इतनी बढ़ गई कि उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और बेहद अमर्यादित व्यवहार किया।


फेसबुक और यूट्यूब पर पोस्ट की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

अस्पताल कर्मियों के साथ बदसलूकी करने के बाद आरोपी शिव शंकर मेहता ने अपने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद उन्होंने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और यूट्यूब पर अस्पताल की कुव्यवस्था का दावा करते हुए वायरल कर दिया। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि इस वायरल वीडियो में अस्पताल के डॉक्टरों और कोरोना काल से सेवा दे रहे पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, भ्रामक और मानहानि करने वाली टिप्पणियां भी की गई थीं, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई।


प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की शिकायत पर भड़की पुलिस, स्वास्थ्यकर्मियों में आक्रोश

इस घटना के बाद राघोपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने और डॉक्टरों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने के बाद, प्रभारी पदाधिकारी ने अस्पताल के समस्त स्टाफ की ओर से राघोपुर थाना में एक लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। आवेदन में स्पष्ट कहा गया है कि इस तरह की अभद्रता से डॉक्टरों का मनोबल गिरा है और अस्पताल परिसर में सरकारी कार्य पूरी तरह बाधित हुआ है।


बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज, थानाध्यक्ष ने कहा— 'जांच के बाद होगी गिरफ्तारी'

अस्पताल प्रशासन से मिले आवेदन के आधार पर राघोपुर थाना पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कांड संख्या-267/26 पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले के संदर्भ में राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने आधिकारिक बयान देते हुए बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और वायरल वीडियो व चश्मदीदों के बयानों के आधार पर मामले की गहनता से तफ्तीश की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट