पीएम सूर्य घर योजना ऋण वितरण में सुस्ती पर भड़के डीएम, एक सप्ताह में 606 आवेदन निपटाने का अल्टीमेटम

सुपौल जिले मे 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' जिलाधिकारी ने समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बैंको द्वारा ऋण स्वीकृति की धीमी रफ्तार को लेकर कड़ी नाराजगी जताई.....

पीएम सूर्य घर योजना ऋण वितरण में सुस्ती पर भड़के डीएम, एक सप
पीएम सूर्य घर योजना ऋण वितरण में सुस्ती पर भड़के डीएम- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया में बैंक ऋण वितरण की धीमी रफ्तार पर जिलाधिकारी सावन कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई है। मंगलवार को समाहरणालय के लहटन चौधरी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने बैंकों के सुस्त रवैये पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त निर्देश दिया कि वे एक सप्ताह के भीतर लंबित पड़े 606 आवेदनों का निष्पादन कर लाभुकों को हर हाल में ऋण उपलब्ध कराएं।


बैठक में प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार, जिले में इस योजना को लेकर भारी उत्साह है और 28 सितंबर 2026 तक कुल 20,470 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से सभी औपचारिकताएं पूरी करने वाले 1,433 आवेदन ऋण स्वीकृति के लिए विभिन्न बैंकों के पास पहुंचे थे। हालांकि, बैंकों की कार्यप्रणाली इतनी धीमी है कि अब तक मात्र 232 आवेदकों को ही ऋण प्रदान किया जा सका है, जबकि 606 आवेदन केवल स्वीकृति और वितरण के इंतजार में धूल फांक रहे हैं।


ऋण वितरण की गहन समीक्षा के दौरान कुछ विशिष्ट बैंक शाखाओं का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक पाया गया। इनमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कटैया, त्रिवेणीगंज और किशनपुर (अंदौली) शाखा, बैंक ऑफ इंडिया की त्रिवेणीगंज शाखा और पंजाब नेशनल बैंक की पिपरा खुर्द व त्रिवेणीगंज शाखाएं शामिल हैं। जिलाधिकारी ने इन शाखाओं के अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत देते हुए कनीय विद्युत अभियंताओं और वेंडरों को भी काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।


बैठक के दौरान विद्युत कार्यपालक अभियंता ने योजना के वित्तीय लाभ और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि लाभुक pmsuryaghar.gov.in पोर्टल या आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए आवश्यक दस्तावेजों (आधार कार्ड, बैंक खाता, छत का स्वामित्व प्रमाणपत्र आदि) के साथ आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत बैंकों द्वारा 5.75 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर ऋण दिया जा रहा है। साथ ही, एक किलोवाट पर 40 हजार, दो किलोवाट पर 80 हजार और तीन किलोवाट या उससे अधिक पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है।


अधिकारियों ने बताया कि सुपौल जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रति आम लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और अब तक 459 घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। 'पहले आओ, पहले पाओ' की तर्ज पर चल रही इस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का यह विशेष प्रावधान 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट