वैशाली एक्सप्रेस में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: सुपौल स्टेशन पर 219 लीटर विदेशी शराब व बीयर जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करों के हौसले बुलंद हैं। आलम यह है कि शराब माफिया अब इसकी तस्करी रेल के माध्यम से करने लगे है। इसी कड़ी मे पुलिस ने वैशाली एक्सप्रेस से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद किया है.....

वैशाली एक्सप्रेस में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: सुपौल स्टेश
वैशाली एक्सप्रेस से भारी मात्रा में शराब बरामद- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्करों के हौसले बुलंद हैं। तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर शराब की खेप राज्य के विभिन्न जिलों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को सुपौल रेलवे स्टेशन पर उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने वैशाली एक्सप्रेस से भारी मात्रा में विदेशी शराब और बीयर बरामद की है। इस दौरान मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जब्त शराब को उत्पाद विभाग ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।


कोच संख्या B-04 और B-05 में मिला संदिग्ध सामान

यह पूरी कार्रवाई उत्पाद अधीक्षक अशोक कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। उन्हें जानकारी मिली थी कि ललितग्राम से सहरसा की ओर जा रही वैशाली एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15566) के जरिए भारी मात्रा में शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही दोनों विभागों की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। जैसे ही ट्रेन सुपौल स्टेशन पर रुकी, अधिकारियों ने इसके बी-04 और बी-05 कोच में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। जांच के दौरान सीटों के नीचे छिपाकर रखे गए 9 बोरे और 3 पीठू बैग बरामद हुए। जब इनकी जांच की गई, तो इनमें से कुल 209.250 लीटर विदेशी शराब और 10.500 लीटर बीयर (कुल 219.750 लीटर) बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।


सहरसा के रहने वाले दो तस्कर गिरफ्तार, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अभिनाश कुमार चौधरी उर्फ फेंटा और बिनीत कुमार के रूप में हुई है, जो सहरसा जिले के कहरा थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उत्पाद विभाग दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की यह खेप कहाँ से लाई गई थी, इसे किस स्थान तक पहुँचाया जाना था और इस धंधे के पीछे कौन-सा बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।


रेल मार्गों पर बढ़ाई गई विशेष निगरानी

उत्पाद अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शराब तस्कर अब सड़क मार्ग के साथ-साथ रेल मार्ग का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इस सफल ऑपरेशन में मद्यनिषेध निरीक्षक प्रभुनाथ सिंह, संजय प्रियदर्शी, कुश कुमार, अवर निरीक्षक विष्णुदेव यादव, विशाल कुमार, मद्यनिषेध सिपाही अभिषेक कुमार तथा आरपीएफ सहरसा के निरीक्षक धनंजय कुमार सहित आरपीएफ सहरसा एवं सुपौल की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


नेपाल सीमा से सटे होने के कारण अलर्ट पर प्रशासन

गौरतलब है कि बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद राज्य के सीमावर्ती जिलों और रेल मार्गों के जरिए तस्करी के प्रयास लगातार सामने आते रहे हैं। सुपौल जिला नेपाल सीमा के निकट होने के कारण पहले भी कई बार शराब तस्करी के मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। उत्पाद विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं शराब की तस्करी या अवैध कारोबार की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तत्काल विभाग को दें। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।


विनय कुमार सिन्हा की रिपोर्ट