गांधी जयंती पर डीएम-एसपी ने राष्ट्रपिता को अर्पित की श्रद्धांजलि, पौधरोपण कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पावन जयंती के अवसर पर सुपौल में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर डीएम और एसपी ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित की.....
Supaul : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पावन जयंती के अवसर पर सुपौल में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में जिले के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लेकर बापू के आदर्शों को नमन किया।
डीएम सावन कुमार और एसपी शरथ आर एस ने बापू को अर्पित की श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अधिकारियों ने बापू के सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता के महान विचारों को याद करते हुए उन्हें आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक बताया।
डीएम-एसपी ने पौधरोपण कर हरित एवं स्वच्छ वातावरण का दिया संदेश
श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत डीएम सावन कुमार और एसपी शरथ आर एस ने संयुक्त रूप से पौधरोपण किया। अधिकारियों ने पौधा लगाकर आम जनमानस को स्वच्छ और हरित वातावरण निर्मित करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को संतुलित और सुरक्षित रखने के लिए हर नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने का किया आह्वान
समारोह को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने उपस्थित कर्मियों और आम लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल पौधा लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे बचाना भी हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही लोगों से स्वच्छता अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया गया।
गांधीवादी आदर्शों और जन-सेवा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में समाज में शांति, अनुशासन, सद्भाव और जन-कल्याण के प्रति समर्पित रहने का संदेश दोहराया गया। गांधी जयंती के इस अवसर ने प्रशासनिक तंत्र और आम जनता को स्वच्छता, पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक समरसता के गांधीवादी मूल्यों को अपने दैनिक जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया।
विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट