पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी सुल्तान को आजीवन कारावास की सजा, 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगा

सुपौल जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम की अदालत ने पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने नाबालिग से जुड़े मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.....

पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी सुल्तान को आजीवन कारावास की सज
पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी को आजीवन कारावास - फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में नाबालिग से जुड़े पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी करार दिए गए सुल्तान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला सुपौल पुलिस द्वारा न्यायालय में समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत किए गए ठोस साक्ष्यों और प्रभावी आरोप-पत्र के आधार पर सुनाया गया है। बिहार पुलिस के सुपौल जिला पुलिस कार्यालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की गई है।


क्या था पूरा मामला और किन धाराओं के तहत दर्ज हुई थी प्राथमिकी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सुपौल जिले के निर्मली थाना कांड संख्या 111/2022 से जुड़ा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363, 366, 368, 370, 370A एवं 376(iii) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4(ii)/6 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में मरौना थाना क्षेत्र के लालमनियां वार्ड नंबर-14 निवासी अलाउद्दीन के पुत्र सुल्तान को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिस पर अभियोग सिद्ध हो चुका है।


पुलिस की प्रभावी पैरवी और अभियोजन पक्ष की भूमिका रही अहम

सुपौल पुलिस ने इस फैसले को अपराध और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा न्यायालय में प्रभावी अभियोजन का एक बड़ा परिणाम बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराध नियंत्रण और महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध गंभीर मामलों में दोषियों को स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा दिलाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्य संकलन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस संपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया में विशेष लोक अभियोजक (विशेष पीपी) महेंद्र प्रसाद साह की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने न्यायालय में साक्ष्यों की मजबूती के साथ पैरवी की।


नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर रोक के लिए कड़ा संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन शोषण और अपराधों से कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए बेहद सख्त कानून है। इस मामले में अदालत द्वारा सुनाया गया आजीवन कारावास का यह फैसला बाल सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत करता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस तरह के जघन्य अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी न्यायालय में मजबूत पैरवी का सिलसिला जारी रहेगा।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट