सुपौल DTO कार्यालय में विजिलेंस का छापा: 15 हजार रिश्वत लेते डेटा ऑपरेटर रंगेहाथ गिरफ्तार
सुपौल जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में विजिलेंस की टीम ने अचानक छापेमारी कर डेटा ऑपरेटर नंदलाल कुमार को ₹15,000 रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। रेड के बाद कार्यालय में मचा हड़कंप!
बिहार के सुपौल में जिला मुख्यालय स्थित जिला परिवहन कार्यालय (DTO) में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पटना से आई विजिलेंस विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। दोपहर करीब 12 बजे विजिलेंस की टीम ने कार्यालय में प्रवेश किया और सीधे कार्रवाई शुरू कर दी। इस अचानक हुई छापेमारी से परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
15 हजार रुपये रिश्वत लेते डेटा ऑपरेटर गिरफ्तार
इस पूरी कार्रवाई के दौरान विजिलेंस की टीम ने DTO कार्यालय में कार्यरत डेटा एंट्री ऑपरेटर नंदलाल कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि ऑपरेटर काम के बदले घूस की मांग कर रहा था। टीम ने जाल बिछाकर आरोपी ऑपरेटर को पैसे लेते हुए मौके पर ही धर दबोचा।
अधिकारियों से पूछताछ और कार्यालय में तलाशी
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस विभाग के अधिकारियों ने DTO कार्यालय के भीतर अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी गहन पूछताछ की। कार्रवाई की खबर फैलते ही कार्यालय परिसर में आम लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों की भीड़ जमा हो गई। निगरानी विभाग की टीम ने कार्यालय के कई कर्मियों को रोककर उनसे मामले से जुड़ी जानकारियां जुटाईं।
महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की जांच
रिश्वतखोरी के इस मामले में विजिलेंस की टीम ने सिर्फ गिरफ्तारी तक ही सीमित न रहते हुए कार्यालय में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स को भी खंगाला। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में ऑपरेटर के अलावा अन्य कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी शामिल थे।
आधिकारिक बयान का इंतजार, चर्चाओं का बाजार गर्म
छापेमारी और गिरफ्तारी के बाद DTO कार्यालय में तरह-तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, इस रिश्वतखोरी के पीछे किस विशेष काम का लेन-देन था और इसमें कौन से अन्य लोग संलिप्त हैं, इसकी पूरी और स्पष्ट जानकारी विजिलेंस विभाग द्वारा आधिकारिक बयान जारी किए जाने के बाद ही सामने आ सकेगी।
धीरज पराशर की रिपोर्ट