बिहार लोक शिकायत निवारण में सुपौल का जलवा, राज्यस्तरीय रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान

सुपौल जिले ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में एक बार फिर अपना परचम लहराया है। सितंबर 2026 की राज्यस्तरीय रैंकिंग में सुपौल जिले ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान हासिल किया है....

बिहार लोक शिकायत निवारण में सुपौल का जलवा, राज्यस्तरीय रैंकि
बिहार लोक शिकायत निवारण में सुपौल का जलवा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में सुपौल जिले ने एक बार फिर अपनी प्रशासनिक दक्षता साबित की है। सितंबर 2026 की राज्यस्तरीय रैंकिंग में सुपौल जिले ने पूरे बिहार में प्रथम स्थान हासिल किया है। विभिन्न कड़े मानकों और कार्य निष्पादन के आधार पर जारी इस रैंकिंग में जिले को कुल 89.50 अंक प्राप्त हुए हैं।


सभी अनुमंडल कार्यालयों ने टॉप-10 में बनाई जगह

जिले की इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सुपौल के सभी अनुमंडल लोक शिकायत निवारण कार्यालयों ने भी राज्यस्तरीय रैंकिंग के टॉप-10 में जगह बनाई है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि लोक शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि अनुमंडल स्तर पर भी प्रशासनिक टीम द्वारा निरंतर और समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।


99.07% परिवादों का समयसीमा के भीतर निष्पादन

अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विकास कुमार ने प्रदर्शन के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि जिले में 99.07 प्रतिशत परिवादों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर किया गया, जिसके लिए 9.91 अंक मिले। समीक्षाधीन माह में निर्धारित समयसीमा के भीतर 100% मामलों का निवारण करने के मानक पर जिले को पूरे 30 अंक मिले। लोक प्राधिकारों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर भी जिले ने पूरे अंक प्राप्त किए। शास्ति अधिरोपण व अनुशासनिक कार्रवाई पर 10 अंक तथा जिला स्तरीय बैठक की कार्यवाही को पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 5 अंक हासिल हुए।


प्रथम और द्वितीय अपील में भी शानदार प्रदर्शन

लोक शिकायत निवारण प्रक्रिया के तहत अपीलों के निपटारे में भी जिले का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। प्रथम अपील में 98.69 प्रतिशत मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन हुआ। वहीं द्वितीय अपील मे 97.21 प्रतिशत मामलों का समय पर समाधान दर्ज किया गया।


पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का उदाहरण

नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध और पारदर्शी समाधान के लिए लागू किए गए इस अधिनियम में सुपौल का यह प्रदर्शन राज्यभर के लिए एक नजीर बना है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस लय को बरकरार रखने के लिए नियमित समीक्षा, जवाबदेही और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट