Bihar CTET Exam: परीक्षा केंद्र पर डेढ़ घंटे तक नदारद रहा CTET का प्रश्नपत्र, भड़के परीक्षार्थियों ने जमकर काटा बवाल, परीक्षा का किया बहिष्कार

Bihar CTET Exam: सुबह 9:30 बजे शुरू होने वाली परीक्षा के लिए हजारों अभ्यर्थी तय समय से पहले केंद्र पहुंच चुके थे, लेकिन सुबह 11 बजे तक प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने से सब्र का बांध टूट गया और हालात बेकाबू हो गए।

 CTET Question Paper Missing for 90 Minutes Candidates Boyco
सवालों में सीटेट की साख- फोटो : reporter

Bihar CTET Exam:वैशाली जिले में CTET परीक्षा उस वक्त हंगामे और अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई, जब संत जॉन्स परीक्षा केंद्र पर सवालों की जगह सिर्फ इंतज़ार और गुस्सा परोसा गया। सुबह 9:30 बजे शुरू होने वाली परीक्षा के लिए हजारों अभ्यर्थी तय समय से पहले केंद्र पहुंच चुके थे, लेकिन सुबह 11 बजे तक प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने से सब्र का बांध टूट गया और हालात बेकाबू हो गए।


यह पूरा मामला वैशाली थाना क्षेत्र के केशोपुर स्थित संत जॉन्स एकेडमी का है, जहां एक हजार से अधिक परीक्षार्थी CTET परीक्षा देने पहुंचे थे। निर्धारित समय बीतने के बाद भी जब प्रश्नपत्रों का कोई अता-पता नहीं चला, तो परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी मच गई। बेचैन अभ्यर्थियों ने इसे शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की घोर लापरवाही करार देते हुए जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

परीक्षार्थियों का कहना था कि वे भविष्य संवारने की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन प्रशासनिक बदइंतजामी ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। आक्रोश इस कदर बढ़ा कि अभ्यर्थी केंद्र से बाहर निकल आए और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। देखते-देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और आसपास के लोग भी सहमे नजर आए।

हंगामे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में करने की कोशिश शुरू की। लेकिन तब तक नाराज़गी इस मुकाम पर पहुंच चुकी थी कि जब देर से प्रश्नपत्र लेकर अधिकारी पहुंचे, तो परीक्षार्थियों ने प्रश्नपत्र लेने से साफ इनकार कर दिया और परीक्षा का बहिष्कार कर दिया।

स्थिति की नज़ाकत को देखते हुए परीक्षा केंद्र पर आसपास के कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे घटनाक्रम की सूचना वरीय अधिकारियों को भी दे दी गई है। फिलहाल परीक्षा इस केंद्र पर नहीं हो सकी है।

इस पूरे मामले पर सदर SDPO गोपाल मंडल ने बताया कि CTET की परीक्षा चल रही थी, लेकिन उत्तरपुस्तिका और प्रश्नपत्र देर से पहुंचने के कारण परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जांच के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां मेहनती अभ्यर्थियों को व्यवस्था की चूक की सज़ा भुगतनी पड़ी।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार