FMCG Products Expensive: महंगाई की डबल मार! पेट्रोल-डीजल के बाद अब इन जरूरी चीजों ने बिगाड़ा बजट, आज ही कर लें स्टॉक!

FMCG Products Expensive: आम आदमी की जेब पर महंगाई का एक और बड़ा प्रहार होने वाला है। पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच अब आपकी रसोई और बाथरूम का बजट भी बिगड़ने वाला है। वैश्विक बाजारों में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में आई रुका

FMCG Products Expensive
रसोई के सामान होंगे महंगे- फोटो : social media

FMCG Products Expensive:  पेट्रोल-डीजल के बाद अब एक बार फिर आम लोगों पर महंगा की मार देखने को मिल सकती है। अब साबुन, सोडा और खाने का तेल-साबुन जैसे रसोई की समाग्री भी महंगी होने वाली है। दरअसल, ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ता दिख रहा है। जानकारी अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें जैसे साबुन, सोडा और खाने का तेल भी महंगे होने की आशंका है।

कंपनियों का खत्म हो रहा स्टॉक 

रिपोर्ट के मुताबिक, FMCG कंपनियां वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही से अपने उत्पादों की कीमतों में 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की तैयारी कर रही हैं। इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रुपये में कमजोरी बताई जा रही है, जिससे कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर कच्चे माल की महंगाई बनी रहती है, तो कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। फिलहाल कंपनियों के पास 30-45 दिनों का स्टॉक मौजूद है, इसलिए वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में इसका असर सीमित रहेगा, लेकिन इसके बाद कीमतों में बदलाव दिखेगा।

पैकेजिंग लागत में बड़ा इजाफा

रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतें करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं, जिससे पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीइथिलीन जैसे पेट्रोकेमिकल उत्पाद महंगे हो गए हैं। FMCG कंपनियों की कुल लागत में पैकेजिंग का हिस्सा 15-20 प्रतिशत होता है, इसलिए इसका सीधा असर उत्पादों की कीमत पर पड़ रहा है।

इन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर

पेंट, खाने का तेल, साबुन और डिटर्जेंट बनाने वाली कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव देखा जा रहा है। ऐसे में इन उत्पादों की कीमतों में अपेक्षाकृत अधिक बढ़ोतरी हो सकती है। कुल मिलाकर, वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते आने वाले समय में महंगाई बढ़ने की आशंका गहराती जा रही है, जिसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।