Bihar Liquor Mafia: भोजपुर में शराब माफिया का आतंक, युवती से छेड़खानी का विरोध करने पर भाई की बेरहमी से पिटाई, ग्रामीणों में दहशत
Bihar Liquor Mafia: भोजपुर जिले से एक बार फिर कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है...
Bihar Liquor Mafia: भोजपुर जिले से एक बार फिर कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है, जहां धोबहा ओपी थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में शराब माफिया से जुड़े लोगों का दबदबा खुलकर सामने आ गया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी सुरेश साह की बेटी काजल कुमारी के साथ कुछ युवकों द्वारा छेड़खानी की गई। बताया जा रहा है कि ये युवक इलाके में सक्रिय अवैध शराब कारोबार से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से गांव में दहशत का माहौल बनाए हुए हैं।जब युवती के भाई नीरज कुमार ने इस हरकत का विरोध किया, तो मामला अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि दबंगों ने न सिर्फ नीरज कुमार पर बेरहमी से हमला किया, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंची उसकी बहन काजल कुमारी को भी नहीं बख्शा। दोनों को बुरी तरह पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और सड़क पर लहूलुहान हालत में गिर पड़े।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में दोनों घायलों को आरा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में शराब माफिया लंबे समय से सक्रिय हैं और आए दिन छोटी-बड़ी घटनाओं के जरिए डर और दबदबा कायम रखते हैं। विरोध करने वालों को अक्सर धमकी और हिंसा का सामना करना पड़ता है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब गांव-गांव में अवैध शराब कारोबार इस तरह खुलेआम फल-फूल रहा है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।घटना की सूचना मिलते ही धोबहा ओपी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक शराब माफिया पर कड़ा शिकंजा नहीं कसा जाएगा, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।फिलहाल पूरा सलेमपुर गांव तनाव और दहशत के माहौल में है, और लोग न्याय व सुरक्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
रिपोर्ट- आशीष कुमार