Bihar News:सेंट्रल जेल में रहस्यमयी मौत! विचाराधीन बंदी की सांस थमी, सलाखों के पीछे साजिश का परिजनों ने लगाया आरोप
Bihar News: केंद्रीय जेल से आई एक खबर ने जेल प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है।...
Bihar News: केंद्रीय जेल से आई एक खबर ने जेल प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। बक्सर केंद्रीय जेल में 32 वर्षीय विचाराधीन बंदी राजेंद्र प्रसाद की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। परिवार का आरोप है कि यह अचानक मौत नहीं, बल्कि साजिश या लापरवाही का नतीजा हो सकती है।
राजेंद्र को 12 फरवरी को शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने की बात कहकर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लेकिन परिजनों का कहना है कि दो दिन पहले मुलाकात के दौरान वह बिल्कुल सामान्य थे। मृतक के भाई का दावा है कि शरीर पर चोट के निशान थे।
बहन रीना कुमारी की आंखों में आंसू और आवाज में आक्रोश है अगर बीमार थे तो हमें खबर क्यों नहीं दी गई? इलाज का पूरा रिकॉर्ड सामने लाया जाए।” परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रशासन की ओर से बयान आया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा है कि परिजन एफआईआर दर्ज कराते हैं तो तफ्तीश बेदाग और निष्पक्ष होगी।बता दें जब कोई शख्स विचाराधीन बंदी होता है, तो वह राज्य की हिरासत में होता है। उसकी हिफाजत और जान-माल की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन पर होती है। ऐसे में मौत चाहे बीमारी से हुई हो या किसी और वजह से जवाबदेही तय होना लाजिमी है।
राजेंद्र दो मासूम बच्चों के पिता थे। परिवार पहले से आर्थिक तंगी में जी रहा था। अब उनके जाने के बाद घर का चूल्हा कैसे जलेगा? क्या मुआवजा मिलेगा? क्या बच्चों की पढ़ाई और परवरिश की जिम्मेदारी कोई उठाएगा?पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने ज्योति चौक पर प्रदर्शन कर दोषी जेल कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि सच्चाई दबाने की कोशिश हो रही है।
यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनशीलता की परीक्षा है। सलाखों के पीछे क्या हुआ इसका सच सामने आना ही चाहिए, क्योंकि हिरासत में मौत पर सवाल सिर्फ एक परिवार का नहीं, पूरे न्याय तंत्र का होता है।
बक्सर से संदीप वर्मा की रिपोर्ट