उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक से पहले ही आसमानी आफत, देहरादून में मूसलाधार बारिश से उफान पर रिस्पना नदी

उत्तराखंड में मॉनसून की दस्तक से पहले ही आसमानी आफत, देहरादू

Dehradun उत्तराखंड में मॉनसून ने अभी तक औपचारिक रूप से दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन प्री-मॉनसून की बारिश ने राज्य भर में अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। आज, 2 जून मंगलवार की शाम को राजधानी देहरादून सहित राज्य के कई हिस्सों में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और देखते ही देखते मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले ही शाम 5 बजे से लेकर रात 8 बजे तक देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और नैनीताल जिले के लिए तात्कालिक अलर्ट (नाउकास्ट) जारी किया था, जो पूरी तरह सटीक साबित हुआ।


कुछ ही देर की बारिश में जलमग्न हुई राजधानी, ड्रेनेज सिस्टम की खुली पोल

राजधानी देहरादून में शाम के वक्त हुई इस तेज बारिश ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी। महज कुछ ही देर की मूसलाधार बारिश के कारण शहर की प्रमुख सड़कें और चौराहे जलमग्न हो गए, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के साथ चली तेज आंधी-तूफान के कारण शहर में कई स्थानों पर भारी-भरकम पेड़ और टहनियां टूटकर गिर गईं। इन पेड़ों की चपेट में आने से सड़क किनारे पार्क की गई कुछ गाड़ियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।


रिस्पना नदी में आया उफान, प्रशासन ने नदी-नालों से दूर रहने की अपील की

पर्वतीय क्षेत्रों और दून घाटी में हुई भारी वर्षा के कारण देहरादून की प्रसिद्ध रिस्पना नदी अचानक उफान पर आ गई। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ते देख प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। जिला प्रशासन ने एहतियातन तौर पर नदी और नालों के आस-पास रहने वाले लोगों तथा आम नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल जलस्रोतों से उचित दूरी बनाए रखें। मौसम के मिजाज को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र (DDMA) को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।


आगामी 6 जून तक खराब रहेगा मौसम, गर्जन के साथ बिजली चमकने की आशंका

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने बताया कि उत्तराखंड में आगामी 6 जून तक मौसम का मिजाज इसी तरह चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 6 जून तक के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इस अवधि के दौरान राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ने, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (झक्कड़) चलने की प्रबल आशंका बनी हुई है।


श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह, अनावश्यक यात्रा से बचें

मौसम विभाग ने बिगड़ते हालात को देखते हुए आम नागरिकों, विशेषकर चारधाम यात्रा (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) पर आए श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों में घूम रहे पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ों में सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि यात्रा मार्ग पर निकलने से पहले मौसम संबंधी ताजा अपडेट अवश्य देख लें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का मुस्तैदी से पालन करें।