Aunti Nephew Love:दिल का क्या करें साहिब, ये भतीजे पर मरता है...इश्क में पति, बच्चे और घर-बार सब छोड़ दिया, बेपनाह मुहब्बत में बहक कर महकने के लिए चुन लिया अपना दूसरा डगर

Aunti Nephew Love: इश्क की परिभाषा भी बदलने लगी है...प्यार कोरोना जैसा हो गया है जो किसी से भी और कभी भी हो जा रहा है।इसमें रिश्ते नाते सब बेमानी साबित हो रहे हैं।

Aunti Nephew Love
दिल का क्या करें साहिब- फोटो : Hiresh Kumar

Aunti Nephew Love: इश्क के होने का न ही कोई वक्त होता है और न ही कोई  मंसब । कहते हैं मुहब्बत तो बस एक एहसास है जिसे करने वाला हीं महसूस करता है।  कहते हैं इश्क के बाद सांसों की महक दूर तलक से फलक तक आती है... करीब होते हैं वो तो बहक कर महक जाता हूं....लेकिन मुहब्बत के नाम पर  कभी कभी तो रिश्तों भी तार तार हो जाते हैं। अब शायद इश्क की परिभाषा भी बदलने लगी है...प्यार कोरोना जैसा हो गया है जो किसी से भी और कभी भी हो जा रहा है।इसमें रिश्ते नाते सब बेमानी साबित हो रहे हैं।ये हम नहीं कहते..यूपी के हरिद्वार की घटना इसकी बानगी बन रहा है।

उत्तराखंड के हरिद्वार में एक चाची का दिल उसके भतीजे पर आ गया। महिला के सिर पर भतीजे के इश्क का ऐसा नशा चढ़ा है कि उसने  दो बच्चों की परवाह किए बगैर घर बार छोड़ कर मुहब्बत के अनजान डगर पर निकल पड़ी।

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भतीजे पर भी चाची के मुहब्बत का ऐसा सुरुर चढ़ा है कि वह भी उससे विवाह कर एक नया परिवार स्थापित करना चाहता है। पुलिस ने दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद वे एक साथ रहने की अपनी इच्छा पर अड़े हुए हैं। 

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यह अनोखा मामला उत्तराखंड के हरिद्वार कोतवाली लक्सर थाना क्षेत्र से का है। महिला की शादी आछ साल पहले हुई थी और उनके  दो बच्चे हैं। 28 वर्षीय चाची का अपने भतीजे के साथ लंबे समय से इश्क चल रहा था। मुहब्बत परवान चढ़ी तो क्या समाज, क्या पति, क्या बच्चे,क्या परिवार सबको छोड़ कर  दोनों ने एक साथ रहने का निर्णय लिया। परिवार के सदस्यों ने दोनों को समझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन नशा इश्क का है, ये जल्दी उतरता कहां है सो वे भी नहीं माने। इसके बाद, महिला के पति ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने प्रेमी भतीजे और प्रेमिका चाची को थाने पर बुलाकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन ये इश्क नहीं आसां.. उन्होंने पुलिस की बात भी नहीं मानी।

बहरहाल इस घटना रिश्तों के दरकने की कहानी तो बयां कर हीं रहा है...इश्क की प्रकृति पर विचार करने की आवश्यकता को दर्शा रहा है।