Bihar Police:एसएसपी ने थानाध्यक्ष को किया निलंबित, पद के दुरुपयोग पर गिरी गाज

Bihar Police: दबाव बनाने, अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने और पुलिस पद की ताकत का दुरुपयोग करने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने थानाध्यक्ष पर बड़ी कार्रवाई की है।...

Kadouna SHO Suspended Over Alleged Bias in Gaya Land Dispute

Bihar Police: जमीन विवाद में  एक पक्ष के समर्थन में हस्तक्षेप करना कड़ौना थानाध्यक्ष को भारी पड़ गया। दबाव बनाने, अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने और पुलिस पद की ताकत का दुरुपयोग करने के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव के स्तर से कड़ौना थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।

मामला विवादित जमीन से जुड़ा है, जिस पर दोनों पक्षों के बीच पहले से सिविल न्यायालय में मुकदमा लंबित बताया गया है। इसी भूमि पर धान रोपने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ। आरोप है कि मामले में पुलिस हस्तक्षेप निष्पक्ष रहने के बजाय एकतरफा हो गया और एक पक्ष पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया।बताया गया है कि विवाद के सिलसिले में गया जिले के बांकेबाजार थाना प्रभारी के साथ भी कड़ौना थानाध्यक्ष द्वारा कथित रूप से अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। इसके बाद मामले की गंभीरता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची।

वरीय पुलिस अधीक्षक, गया की ओर से कड़ौना थानाध्यक्ष के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक से की गई। पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए IG स्तर से निलंबन का फरमान जारी कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।

पुलिस विभाग ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि जमीनी और निजी विवादों में पुलिस किसी एक पक्ष की पैरवी नहीं कर सकती। ऐसे मामलों में कानून के मुताबिक निष्पक्ष कार्रवाई करना ही पुलिस की जिम्मेदारी है।

विभागीय निर्देशों में पहले भी पुलिस अधिकारियों को आगाह किया गया है कि निजी अथवा भूमि विवादों में अपने पद और पुलिसिया अधिकार का बेजा इस्तेमाल न करें। किसी पक्ष पर अनुचित दबाव डालना, पद की गरिमा के खिलाफ आचरण करना अथवा पुलिस शक्ति का दुरुपयोग करना विभाग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।

रिपोर्ट- प्रेमशंकर