Bihar Crime: रक्सौल से फरीदाबाद तक साइबर जाल,Agni App का कथित CEO गिरफ्तार, 1 करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड बेनकाब

Bihar Crime:मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान और लुभावनी इन्वेस्टमेंट स्कीम के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना संगम कुमार को हरियाणा के फरीदाबाद से दबोच लिया गया है।

Cyber Web from Raxaul to Faridabad
रक्सौल से फरीदाबाद तक साइबर जाल- फोटो : reporter

Bihar Crime: मोतीहारी में चर्चित ‘Agni App’ साइबर फ्रॉड केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल भुगतान और लुभावनी इन्वेस्टमेंट स्कीम के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना संगम कुमार को हरियाणा के फरीदाबाद से दबोच लिया गया है।आरोपी खुद को ऐप का “सीईओ” बताकर लोगों का एतबार जीतता था और फिर उन्हें जाल में फंसा लेता था।

इस संगीन मामले का खुलासा 23 जनवरी 2025 को हुआ, जब रक्सौल निवासी अभिषेक कुमार शर्मा ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर में आरोप लगाया गया कि ‘Agni App’ के जरिए मोबाइल रिचार्ज, इलेक्ट्रिक बिल भुगतान और हाई रिटर्न देने वाली स्कीम के नाम पर लोगों से रकम वसूली गई। शुरुआत में ऐप के वॉलेट में जमा रकम पर मामूली मुनाफा दिखाकर भरोसा कायम किया जाता था।

जांच में सामने आया कि जैसे ही बड़ी संख्या में लोगों ने भारी निवेश किया, ऐप अचानक बंद कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए। दर्जनों पीड़ितों से एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की आशंका जताई जा रही है। साइबर थाना, मोतीहारी में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया।

डिजिटल ट्रेल, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस की जांच हरियाणा तक जा पहुंची। पुलिस उपाधीक्षक अभिनव परासर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने छापेमारी कर संगम कुमार (उम्र 38 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पाली क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।

अब पुलिस रिमांड पर लेकर उससे गहन पूछताछ की तैयारी में है। गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट के नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस साइबर ठगी का दायरा किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था और कितने लोग इसके शिकार बने।

पुलिस ने आम लोगों को आगाह किया है कि किसी भी अनजान ऐप या आकर्षक निवेश स्कीम के झांसे में न आएं। बिना सत्यापन के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाना भारी पड़ सकता है। फिलहाल, ‘Agni App’ का कथित मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे है, लेकिन साइबर जाल की परतें अभी खुलनी बाकी हैं।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार