Bihar Crime: मक्के के बीच छिपा था करोड़ों का खतरनाक नशे का सामान, मुंबई से पहुंची DRI की टीम ने तस्कर बशीर को दबोचा, अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े तार

Bihar Crime:अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की तफ्तीश करते हुए मुंबई से पहुंची DRI की टीम ने 48 वर्षीय मोहम्मद बशीर हवारी उर्फ फरहान को गिरफ्तार कर लिया।

Muzaffarpur DRI Arrests Man in 55 86 Kg Meth Case
खतरनाक नशे का सामान बरामद- फोटो : reporter

Bihar Crime: मुजफ्फरपुर के बोचहां थाना क्षेत्र का उनसर गांव उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क की तफ्तीश करते हुए मुंबई से पहुंची DRI की टीम ने 48 वर्षीय मोहम्मद बशीर हवारी उर्फ फरहान को गिरफ्तार कर लिया। DRI के मुताबिक, बशीर पर 55.860 किलो मिथाइल एम्फेटामिन की उस खेप की खरीद, भंडारण और लोडिंग में कथित भूमिका का आरोप है, जिसे मक्के के दानों के बीच छिपाकर विदेश भेजने की तैयारी थी।DRI की टीम 17 सितंबर को मुजफ्फरपुर पहुंची और बोचहां पुलिस के सहयोग से उनसर गांव में कार्रवाई की। बशीर को उसके ठिकाने से दबोचने के बाद मुजफ्फरपुर CJM कोर्ट में पेश किया गया। अदालत से 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद DRI उसे अपने साथ मुंबई ले गई। उसे महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के उरण स्थित न्यायालय में पेश किया जाना है।

मक्के के बीच छिपा था करोड़ों का नशा!

DRI की जांच के मुताबिक, 16-17 अगस्त को मुंबई के न्हावा शेवा स्थित कंटेनर फ्रेट स्टेशन पर एक एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट की तलाशी के दौरान मक्के के दानों के बीच सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ छिपा मिला। जांच में उसकी पहचान मिथाइल एम्फेटामिन के रूप में हुई। करीब 55.860 किलो की पूरी खेप 17 अगस्त को जब्त कर ली गई। एजेंसी के अनुसार, कंसाइनमेंट एक ट्रेडिंग कंपनी के नाम से विदेश भेजे जाने के लिए बुक था।

तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान जांच की कड़ी मुजफ्फरपुर तक पहुंची। इसके बाद एजेंसी ने खेप की खरीद, स्टोरेज, पैकिंग और लोडिंग से जुड़े लोगों की भूमिका खंगालनी शुरू की। इसी क्रम में बशीर का नाम सामने आया।DRI का दावा है कि पूछताछ में सामने आए तथ्यों से नेटवर्क की कई अहम कड़ियों की जानकारी मिली है। एजेंसी के मुताबिक, बशीर पर उनसर से नशीले पदार्थ की खेप खरीदने, उसे रखने और मक्के की आड़ में पैकिंग व लोडिंग कराने में कथित भूमिका निभाने का आरोप है।

परिवार ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

बशीर की गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी मदीना खातून ने पति पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उनका कहना है कि बशीर पिछले करीब एक साल से घर पर रह रहा था और गाड़ी खरीदने-बेचने तथा किराये पर वाहन चलाने का काम करता था। परिवार के मुताबिक, मक्का स्थानीय व्यापारी ललन चौधरी से दिलवाया गया था और उसे किसी परिचित के कहने पर बाहर भेजा जाना था।परिवार का दावा है कि बशीर का मकसद केवल मक्के की खेप भेजना था और नशीले पदार्थ से उसका कोई ताल्लुक नहीं है। परिवार ने कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जानकारी होने से भी इनकार किया है।

चार भाइयों में तीसरे नंबर पर है बशीर

ग्रामीणों के मुताबिक, बशीर चार भाइयों में तीसरे नंबर पर है। उसके छोटे भाई ने बताया कि बशीर लंबे समय तक दिल्ली के एक होटल में काम करता था। करीब एक से सवा साल पहले मुजफ्फरपुर लौटने के बाद उसने बोलेरो खरीदी और वाहन चलाने का काम शुरू किया। परिवार के अनुसार, वह खुद गाड़ी चलाने के साथ सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम भी करता था।उनसर पंचायत के सरपंच रघुनाथ राय ने भी बशीर की गांव में सामान्य छवि होने की बात कही। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मक्के के भीतर ड्रग्स मिलने की असल कड़ी जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।

‘हाजी’ और आशीष पाल के संपर्क की भी पड़ताल

DRI के मुताबिक, तफ्तीश में बशीर के संपर्क एक अफगानी नागरिक से होने की बात सामने आई है, जिसे ‘हाजी’ के नाम से बताया गया है। एजेंसी का दावा है कि हाजी के कथित प्रतिनिधि आशीष पाल के संपर्क में भी बशीर था। इन्हीं संपर्कों के जरिए कथित तौर पर नशीले पदार्थ की खरीद, भंडारण और लोडिंग की व्यवस्था किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

फिलहाल बशीर ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है। DRI अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, मक्के की खेप और उसमें छिपाई गई 55.860 किलो मिथाइल एम्फेटामिन के स्रोत की पड़ताल कर रही है। वहीं, बशीर का परिवार आरोपों से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

रिपोर्ट- मणिभूषण शर्मा