Patna Crime: पटना में बैठकर अमेरिका-ब्रिटेन में साइबर ठगी का खेल का हुआ खुलासा, 3 MBA समेत 4 शातिर गिरफ्तार, ऐसे उड़ाते थे डॉलर

Patna Crime: पटना में बैठकर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों को निशाना बनाने वाले कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ...

Patna Police Busts Cyber Gang Targeting US UK Citizens
साइबर ठगी का खेल का हुआ खुलासा- फोटो : social Media

Patna Crime: पटना में बैठकर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों को निशाना बनाने वाले कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मुसल्लहपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन एमबीए पास बताए जा रहे हैं, जबकि चौथे के पास टेक्निकल डिग्री है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर में तकनीकी खराबी का झांसा देकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।

ASP राजकिशोर सिंह के अनुसार, शुक्रवार को मुसल्लहपुर पुलिस वाहन जांच कर रही थी। रात करीब साढ़े नौ बजे रामपुर रोड पर पुलिस की नजर एक बाइक सवार युवक पर पड़ी। पुलिस को देखते ही वह भागने लगा। संदेह होने पर पुलिस ने उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम राजीवनगर निवासी अक्षय कुमार साह, उम्र 26 वर्ष, बताया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने साइबर ठगी में शामिल होने की बात बताई।

अक्षय की निशानदेही पर पुलिस ने गोला रोड स्थित विवेक विहार कॉलोनी के एक मकान में छापेमारी की। वहां से भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के महुआ निवासी ओम प्रकाश ठाकुर, उम्र 31 वर्ष, और औरंगाबाद के श्री कृष्णा नगर अहरी निवासी अभिषेक कुमार, उम्र 27 वर्ष, को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद बगल के कमरे में छापेमारी कर सहरसा के गोलमा निवासी सत्यम कुमार को भी पुलिस ने दबोच लिया।

मालवेयर के जरिए विदेशी नागरिकों को बनाते थे निशाना

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य इंटरनेशनल कॉल के जरिए अमेरिका में बैठे लोगों को निशाना बनाते थे। वे खुद को तकनीकी सहायता देने वाला व्यक्ति बताकर विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे। इसके बाद कंप्यूटर या लैपटॉप में खराबी होने का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाया जाता था।आरोपी ऑनलाइन तरीके से पीड़ित के कंप्यूटर सिस्टम का एक्सेस हासिल करने की कोशिश करते थे। समस्या ठीक करने के नाम पर कथित तौर पर APK और मालवेयर इंस्टॉल कराया जाता था। इसके बाद सिस्टम को बंद कर दिया जाता था। कंप्यूटर दोबारा चालू करने या तकनीकी समस्या दूर करने के नाम पर पीड़ितों से डॉलर में मोटी रकम वसूली जाती थी।

हवाला के जरिए भारत मंगाते थे ठगी की रकम

पुलिस के मुताबिक, विदेशी नागरिकों से ठगी गई रकम को हवाला के माध्यम से भारतीय मुद्रा में मंगाया जाता था। इस तरह गिरोह विदेशी खातों से लेकर भारत में रकम के इस्तेमाल तक एक संगठित तरीके से काम कर रहा था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।

लैपटॉप-मोबाइल और नकदी का जखीरा बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो मोटरसाइकिल, नौ एंड्रॉयड मोबाइल, अलग-अलग बैंकों के सात ATM कार्ड, एक लाख नौ हजार रुपये नकद, चार लैपटॉप, माइक लगे दो हेडफोन, तीन लैपटॉप चार्जर और एक नामी कंपनी का नेट फाइबर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

पुलिस अब जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच कर गिरोह के साइबर नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाया और ठगी की रकम कितनी है। साथ ही, हवाला के जरिए रकम भेजने वाले नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।फिलहाल चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह से जुड़े कुछ और लोग भी इस साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और ठगी के पूरे नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।