सुपौल में दर्दनाक रेल हादसा: जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत

Bihar News : सुपौल के भपटियाही थाना क्षेत्र में ट्रैक पार करने या वहां रहने के दौरान बुजुर्ग व्यक्ति तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया....

सुपौल में दर्दनाक रेल हादसा: जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस की चपे
ट्रेन से कटकर बुजुर्ग की मौत- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे में एक बुजुर्ग व्यक्ति की कटकर मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना नारायणपुर हाल्ट के पूर्व स्थित रेलवे फाटक के पास हुई, जहां ट्रैक पार करने या वहां रहने के दौरान बुजुर्ग व्यक्ति तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।


मानसिक रूप से थे अस्वस्थ, अक्सर बिना बताए घर से निकल जाते थे बाहर 

हादसे का शिकार हुए मृतक की पहचान स्थानीय पिपराखुर्द पंचायत के नारायणपुर गांव (वार्ड नंबर-13) निवासी 60 वर्षीय योगेंद्र मंडल के रूप में की गई है। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, योगेंद्र मंडल पिछले लंबे समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ (बीमार) चल रहे थे। मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे अक्सर घर से बिना किसी को कुछ बताए कहीं भी निकल जाया करते थे। मंगलवार की सुबह भी वे इसी तरह घर से निकले थे, जिसके बाद यह भयानक अनहोनी हो गई।


जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस की चपेट में आने की आशंका

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि रेलवे ट्रैक के पास घूमते समय योगेंद्र मंडल वहां से गुजर रही जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसा इतना वीभत्स था कि बुजुर्ग का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। दुर्घटना की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते परिजनों समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि योगेंद्र मंडल अपने पीछे एक बेटा, चार बेटियां और पत्नी सहित पूरा हंसता-खेलता परिवार छोड़ गए हैं।


बिना पोस्टमार्टम कराए अवशेषों को घर ले गए परिजन

ट्रेन की चपेट में आने से शव की स्थिति अत्यंत वीभत्स और खराब हो चुकी थी। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। कानूनी प्रक्रिया और कागजी पचड़ों से बचते हुए परिवार के लोगों ने शव के अवशेषों को मौके से एकत्र किया और सीधे अपने घर ले आए। परिजनों ने आपसी सहमति से शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने का फैसला लिया और नारायणपुर गांव में ही उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।


पुलिस को नहीं दी गई आधिकारिक सूचना

आमतौर पर किसी भी रेल हादसे या अप्राकृतिक मौत के बाद जीआरपी (GRP) या स्थानीय थाना पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजती है। लेकिन इस मामले में एक अलग ही पहलू सामने आया। भपटियाही थाना पुलिस ने मामले की जानकारी से इनकार किया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस रेल हादसे के संबंध में परिजनों या ग्रामीणों की तरफ से थाने को कोई भी लिखित या आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। पुलिस को समय पर सूचित नहीं किए जाने के कारण मामले में कोई भी अग्रतर वैधानिक कार्रवाई नहीं की जा सकी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट