देश के इस रूट पर राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें हुई बंद, रेलवे शुरू करेगी गी बस सेवा, जानें क्या है पूरा मामला

रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर स्थित कोयल नदी रेलवे पुल संख्या 115 के पिलर दरकने के बाद ट्रेनों का परिचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।

देश के इस रूट पर राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें हुई बंद,

N4N Desk -  झारखंड के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी और परेशान करने वाली खबर है। रांची-लोहरदगा-टोरी रेलखंड पर कोयल नदी पर स्थित रेलवे पुल संख्या 115 में गंभीर तकनीकी खराबी आने के बाद इस रूट पर ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुल के पिलरों में आई दरार और उनके झुकने के कारण सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने यह कड़ा कदम उठाया है। 

पिलर संख्या 4 और 5 में मिली गंभीर दरारें

दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार मिश्र ने तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मंगलवार को पुल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पुल का पिलर संख्या 5 एक ओर झुक (Tilt) गया है, जबकि पिलर संख्या 4 में भी दरारें आ गई हैं। जीएम ने बताया कि रेलवे पहले से ही पिलर नंबर 5 की 24 घंटे निगरानी कर रहा था, लेकिन जब अन्य पिलरों में भी तकनीकी समस्या देखी गई, तो रेल परिचालन रोकना अनिवार्य हो गया।

मार्च तक बंद रहेगा रूट, राजधानी एक्सप्रेस प्रभावित


पुल की मरम्मत का कार्य काफी जटिल है, जिस कारण इस मार्ग पर मार्च 2026 तक ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने की उम्मीद नहीं है। इस फैसले से राजधानी एक्सप्रेस, चोपन एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें अगले तीन महीनों तक इस रूट से नहीं चलेंगी। वहीं, स्थानीय यात्रियों के लिए चलने वाली रांची-लोहरदगा-टोरी मेमू ट्रेन अब केवल रांची से नागजुआ तक ही आएगी।

अवैध बालू उठाव बना तबाही का कारण

निरीक्षण के बाद जीएम अनिल कुमार मिश्र ने पुल के क्षतिग्रस्त होने का मुख्य कारण 'अवैध बालू खनन' को बताया। उन्होंने कहा कि पुल के आसपास से बड़े पैमाने पर बालू के उठाव की वजह से पिलर के 'फाउंडेशन' (नींव) बाहर निकल आए थे। बालू न होने के कारण नदी के तेज बहाव ने सीधे पिलरों की नींव को चोट पहुँचाई, जिससे पुल कमजोर हो गया। अब रेलवे न केवल मरम्मत करेगा, बल्कि सभी पिलरों के फाउंडेशन को मजबूत करने का काम भी करेगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।

यात्रियों के लिए रेलवे चलाएगी मुफ्त बस सेवा

पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण लोहरदगा से नागजुआ के बीच रेल संपर्क टूट गया है। यात्रियों को इस 7 किलोमीटर की दूरी को तय करने में हो रही परेशानी को देखते हुए रेलवे ने विशेष बस सेवा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। यह बसें यात्रियों को क्षतिग्रस्त पुल वाले हिस्से को पार कराकर उनके गंतव्य तक पहुँचाने में मदद करेंगी।

मई तक खिंच सकता है मरम्मत का कार्य

हालांकि रेलवे मार्च तक परिचालन बहाल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून से पहले पुल की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मई तक का समय लग सकता है। युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य जारी है और रेलवे के प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारी लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।