अजब-गजब एक्शन : मंत्री ने दिया विवादित बयान, SDM ने सरकारी कागज पर उतारा; नतीजे में अधिकारी हुए सस्पेंड
SDM की कार्रवाई: देवास के एसडीएम आनंद मालवीय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक आधिकारिक ड्यूटी आदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के 'घंटा बजाओ' विरोध प्रदर्शन का आधार बताते हुए मंत्री के उसी "घंटा" शब्द और टिप्पणी का उल्लेख कर दिया।
iNDORE - इंदौर में हुए दूषित पानी से 14 लोगों की मौत के मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान का जिक्र सरकारी आदेश में करने को लेकर मोहन यादव सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम ने आदेश जारी करनेवाले एसडीएम को निलंबित कर दिया है।
बता दें कि मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए दूषित पानी ने भयावह रूप ले लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेयजल की मुख्य पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण सीवरेज का गंदा पानी (मल-मूत्र युक्त) मिल गया, जिसे पीने से इलाके में संक्रमण फैल गया। इस मानवीय त्रासदी में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 2,800 व्यक्ति इस संक्रमण की चपेट में आकर बीमार हैं। वर्तमान में 200 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं, जिनमें से 32 मरीजों की हालत नाजुक होने के कारण वे आईसीयू (ICU) में भर्ती हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विवादित "घंटा" बयान
इस संवेदनशील मुद्दे पर जब मीडिया ने प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल पूछा, तो उनके जवाब ने नए विवाद को जन्म दे दिया। वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई न होने के प्रश्न पर मंत्री ने झल्लाते हुए अमर्यादित टिप्पणी की और कहा, "छोड़ो यार... क्या घंटा होगा..."। इस टिप्पणी को विपक्ष ने बेहद अमानवीय और सत्ता की निरंकुशता का प्रतीक बताया है।

कांग्रेस का 'घंटा बजाओ' आंदोलन और SDM पर गाज
मंत्री के बयान के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार, इस अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ भाजपा सांसदों और विधायकों के आवास के सामने 'घंटा बजाओ' प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। इसी बीच, देवास के एसडीएम (SDM) आनंद मालवीय को एक आधिकारिक आदेश में मंत्री की "घंटा" वाली टिप्पणी का उल्लेख करने के कारण निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने इस आदेश को पदीय मर्यादा के उल्लंघन के रूप में देखा है।
प्रशासनिक सर्जरी: कमिश्नर और अपर आयुक्त हटाए गए
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए इंदौर नगर निगम में प्रशासनिक फेरबदल किया है। इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को पद से हटा दिया गया है और उनके स्थान पर क्षितिज सिंघल ने कमान संभाली है। इसके अतिरिक्त, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और पीएचई विभाग के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
नए कमिश्नर की प्राथमिकता: स्वच्छ जल की बहाली
पदभार ग्रहण करने के बाद नए कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने स्पष्ट किया कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में पाइपलाइन के लीकेज को ठीक कर शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। प्रशासन अब युद्ध स्तर पर प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगा रहा है और दूषित पानी के स्रोतों को सील करने की कार्रवाई कर रहा है ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।