Amazing Policing : पुलिस ने फरार शराब माफिया पर रखा महज एक रूपये का इनाम, शर्म के मारे अपराधी ने थाने में किया सरेंडर

Amazing Policing : पुलिस ने शराब माफिया पर शिकंजा कसने के लिए एक रूपये का इनाम रखा. जिसके बाद अपराधी ने खुद थाने में सरेंडर कर दिया........पढ़िए आगे

Amazing Policing : पुलिस ने फरार शराब माफिया पर रखा महज एक र
एक रूपये का इनाम - फोटो : SOCIAL MEDIA

N4N DESK : अपराधियों की धड़ पकड़ के लिए पुलिस कई तरह के हथकंडे अपनाती है। कोर्ट से गिरफ़्तारी और कुर्की का वारंट ले आती है। इससे भी आगे बढ़कर अपराधी की गिरफ़्तारी के लिए इनाम की घोषणा करती है। मध्य प्रदेश की पुलिस ने अनोखा हथकंडा अपनाया, जिसके बाद शराब माफिया ने खुद सरेंडर कर दिया। 

दरअसल मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक ऐसा कदम उठाया, जो पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। करेली थाना क्षेत्र के एक फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने महज ₹1 का इनाम घोषित किया है। आमतौर पर इनामी राशि हजारों या लाखों में होती है, लेकिन इस प्रतीकात्मक इनाम ने न केवल जनता का ध्यान खींचा, बल्कि अपराधी के नेटवर्क में भी खलबली मचा दी।

यह पूरा मामला अवैध शराब तस्करी के एक बड़े सिंडिकेट से जुड़ा है। पुलिस ने 9 जनवरी को एक थार वाहन की घेराबंदी कर उसमें रखी 44 पेटी अवैध शराब जब्त की थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सुरेंद्र लोधी और सलीम खान नामक दो आरोपियों को तो दबोच लिया, लेकिन इस अवैध कारोबार का मुख्य सरगना धनराज लोधी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस तभी से उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी, लेकिन वह बार-बार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।

फरार आरोपी पर दबाव बनाने के लिए नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना ने यह अनोखा दांव खेला। पुलिस का मानना है कि ₹1 की इनामी राशि सोशल मीडिया और जनचर्चा में आरोपी के नाम को घर-घर तक पहुंचा देगी। यह एक तरह का मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) है, जिससे अपराधी के भीतर यह संदेश जाए कि उसकी कीमत अब शून्य के बराबर रह गई है, जिससे वह मानसिक और सामाजिक दबाव में आकर आत्मसमर्पण के लिए मजबूर हो जाए।

एसपी ऋषिकेश मीना ने स्पष्ट किया है कि यह इनाम राशि भले ही प्रतीकात्मक हो, लेकिन इसके पीछे का उद्देश्य बेहद गंभीर है। पुलिस चाहती है कि आम लोग इस अनोखे मामले की वजह से आरोपी के चेहरे को पहचानें और उसकी कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचित करें। पुलिस ने जनता को भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी, ताकि वह बिना किसी डर के पुलिस की मदद कर सके। नरसिंहपुर पुलिस का यह प्रयोग अब पूरे जिले की सुर्खियों में है और लोग पुलिस की इस रणनीति की तारीफ कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि कई बार बड़े इनाम के बजाय ऐसे छोटे और अजीब फैसले अपराधियों पर अधिक प्रभाव डालते हैं।