आदर्श स्टेशन के रूप में विकसित किए जा रहे 1253 रेलवे स्टेशन, अब सुविधाओं की बहार

आदर्श स्टेशन के रूप में विकसित किए जा रहे 1253 रेलवे स्टेशन, अब सुविधाओं की बहार

DESK. केंद्र की मोदी सरकार ने देश के रेलवे स्टेशनों को नया रंग रूप देने के लिए एक विशेष पहल की है. इसके तहत देश के रेलवे स्टेशन पर आदर्श स्टेशन की तर्ज पर विकसित किए जाएंगे. केंद्र  सरकार ने बुधवार को बताया कि आदर्श स्टेशन योजना के तहत अब तक भारतीय रेल के 1253 रेलवे स्टेशन विकसित करने के लिए चिह्नत किये गये हैं जिनमें से 1215 स्टेशनों को विकसित किया जा चुका है और शेष 38 स्टेशनों को चालू वित्त वर्ष में विकसित किया जाएगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में चंद्रेश्वर प्रसाद और रघुराम कृष्ण राजू के प्रश्नों के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। मंत्री के जवाब के अनुसार अभी 38 स्टेशनों को आदर्श स्टेशन बनाया जाना बाकी है जिन पर कार्य प्रगति पर है। इन स्टेशनों में सर्वाधिक 18 उत्तर प्रदेश में हैं जिनमें अयोध्या, आंवला, फूलपुर और उन्नाव आदि हैं।

दरअसल, रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण/उन्नयन एक सतत प्रक्रिया है। वर्तमान में आदर्श स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का विकास स्टेशनों पर बेहतर उन्नत यात्री सुविधाएं प्रदान करने के लिए है. इसे आवश्यकता के आधार पर किया जाता है। विभिन्न यात्री सुविधाएं जैसे स्टेशन भवन के अग्रभाग में सुधार, विश्राम कक्ष, प्रतीक्षालय (स्नान सुविधाओं के साथ), महिलाओं के लिए अलग प्रतीक्षालय, कंप्यूटर आधारित सार्वजनिक पता प्रणाली, परिसंचारी क्षेत्र का भूनिर्माण, साइनेज, भुगतान और उपयोग शौचालय, वाटर कूलर इस योजना के तहत चिन्हित और विकसित स्टेशन की संबंधित श्रेणी के आधार पर दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों आदि के लिए स्टेशन के प्रवेश द्वार पर रैंप प्रदान किए जाते हैं। 


रेल मंत्रालय के अनुसार भारतीय रेलवे भी प्रगतिशील तरीके से रेलवे स्टेशनों पर लिफ्ट, एस्केलेटर आदि जैसी आधुनिक सुविधाएं स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में देश के 1253 रेलवे स्टेशन विकसित करने के लिए चिह्नत किये गये हैं जिनमें से 1215 स्टेशनों को विकसित किया जा चुका है. 


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