वर्ष 2025 तक सड़क हादसों में मौतों को 50 प्रतिशत तक करेंगे कम : गडकरी

वर्ष 2025 तक सड़क हादसों में मौतों को 50 प्रतिशत तक करेंगे कम : गडकरी

NEW DELHI : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य 2025 तक देश में सड़क हादसों के दौरान होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम करना है, वहीं 2030 तक हम मौतों बिल्कुल ही खत्म कर देना चाहते हैं।

गडकरी ने शनिवार को उक्त बातें इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटी एंड सेफ्टी मेनेजमेंट (IISSM) की ओर से सड़क सुरक्षा पर आयोजित वेबीनार के उदघाटन सत्र में कहीं। गडकरी ने कहा कि सड़क हादसे को रोकने के लिए सरकार चार ई (इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एनफोर्समेंट और इमरजेंसी केयर) की रणनीति पर काम कर रही है। इसका मकसद एक तरफ सड़कों और उन पर चलने वाली गाड़ियां को बेहतर इंजीनियरिंग के जरिए अधिक सुरक्षित बनाना है। वहीं दूसरी ओर लोगों में सड़क सुरक्षा और उचित व्यवहार की शिक्षा देना है। सरकार समय-समय पर सुरक्षा सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों और व्यवस्थाओं में बदलाव ला रही है। साथ ही इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में सड़क व राजमार्गों में सरकार आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही हैं ताकि किसी हादसा होने पर घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।

गडकरी ने बताया कि सड़कों पर होने वाले 70 प्रतिशत हादसे परिचालन संबंधी नियमों को तोड़ने के चलते होते हैं। उन्होंने कहा कि देश में हर साल डेढ़ लाख लोगों की सड़क हादसे में मौत होती है और 5 लाख लोग घायल होते हैं। इस संबंध में तीसरे वैश्विक सड़क सुरक्षा सम्मेलन में भारत ने इन मौतों को 2030 तक आधा करने का लक्ष्य रखा था। इस दौरान गडकरी ने वायु और जल प्रदूषण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिजली से चलने वाले वाहनों की क्षमता में वृद्धि और कीमतों में कमी आ रही है। उन्होंने इनके प्रयोग को बढ़ावा देने का आहवान किया। 

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने वेबिनार के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि एक बेहतर इंसान ही सड़क सुरक्षा के महत्व को समझ सकता है। ऐसे में हमें अपने बच्चों को इस दिशा में सजग करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान सड़क सुरक्षा को नागरिक व्यवहार से जोड़ा और कहा कि हमें अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन पर भी महत्व को समझना चाहिए। जब यह सोच पैदा होती है तो हम सड़क पर सभी नियमों का पालन करते हैं और अपने साथ-साथ औरों को भी सुरक्षित रखते हैं। इस दौरान उन्होंने शिक्षा में सड़क सुरक्षा जैसे विषयों को शामिल करने और बचपन से ही इस दिशा में जागरूक किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा की दिशा में कई स्तरों पर प्रयास हो रहे हैं। इसमें वाहनों का बेहतर करना और सड़क से जुड़े ढांचे बेहतर बनाना शामिल है। इन सबके बावजूद सबसे महत्वपूर्ण हमारा सड़क पर व्यवहार है। सिंह ने कानून प्रवर्तन पर भी जोर दिया और कहा कि हम सभी को सड़क नियमों का पालन करना चाहिए। अगर हम ऐसा नहीं करते तो कानून की पवित्रता नष्ट होती। साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि हादसे में घायल हुए लोगों को त्वरित सहायता मिले इसके लिए प्रयास होना चाहिए और सरकार ने मदद करने वालों को कानूनी उल्लझनों से बचाने के लिए कानूनी सुरक्षा दी है।

वेबीनार में एसआईएस के ग्रुप चेयरमैन और पूर्व सांसद रविन्द्र किशोर सिन्हा ने वेबीनार में आईआईएसएसएम की ओर से सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए हर तरह से सरकार का सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि हम सड़क सुरक्षा पर और ज्यादा शिक्षण देंगे। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री नीतिन गडकरी का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे काफी अच्छा काम कर रहे हैं और सड़क निर्माण में उन्होंने एक रिकॉर्ड कायम किया है। हम भविष्य में भी साथ मिलकर काम करेंगे। कार्यक्रम के अंत में आईआईएसएम के अध्यक्ष एसके शर्मा ने कहा कि हमें योजनाओं के साथ-साथ उनके संवाद समय बाद लागू किए जाने पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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