ट्रेन के ठहराव को लेकर आमरण अनशन जारी, 60 घंटे बाद भी नहीं खुली रेलवे और जनप्रतिनिधियों की नींद

ट्रेन के ठहराव को लेकर आमरण अनशन जारी, 60 घंटे बाद भी नहीं खुली रेलवे और जनप्रतिनिधियों की नींद

लखीसराय। बड़हिया स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर आज तीसरा दिन भी आमरण अनशन जारी है 60 घंटे बीत जाने के बाद भी ना ही किसी जनप्रतिनिधि और ना ही रेलवे अधिकारी ने अनशन कारियों की सुध ली है 17 जनवरी 2021 से किए जा रहे ट्रेनों के ठहराव को लेकर बड़हिया रेलवे परिसर में किए जा रहे 6 लोगों द्वारा आमरण अनशन की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। 

अनशनकारियों ने कहा कि एक तरफ मोदी जी हमें बुलेट ट्रेन का सपना दिखाते हैं और दूसरी तरफ सामान्य ट्रेन का भी परिचालन होने के बाद भी हमारे यहां से ठहराव उठा लिया गया है जबकि यहां की 400000 की आबादी के मुख्य आवागमन का साधन ट्रेन ही है ट्रेनों के ठहराव नहीं होने से यहां के लोगों को आवागमन के लिए बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। अनशनकारी मनोरंजन सिंह, शिवदत्त कुमार उर्फ गुड्डू, रामस्वारथ सिंह, विकास कुमार लड्डू, अखिलेश सिंह ने बताया कि 8 ट्रेनों का ठहराव यहां से हटा लिया गया है जब तक आठो ट्रेनों का ठहराव नहीं दिया जाता तब तक हमलोगो का आमरण अनशन जारी रहेगा। कल दिन बुधवार से व्यवसायियों ने भी बड़हिया बाजार को पूर्णत: बंद रखकर आमरण अनशनकारियो  का समर्थन करने का फैसला लिया है।

बता दें कि बड़हिया में लॉकडाउन के बाद लगभग आधा दर्जन ट्रेनों के ठहराव पर रोक लगा दी गई थी, जिसके बाद स्थानिय लोगों ने ठहराव के लिए दो दिन पहले आमरण अनशन करने का फैसला किया था। हालांकि हाजीपुर ईसीआर ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड को सूचित किया है, लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं हो सका है। वहीं लोगों की मांगों को लेकर स्थानिय जनप्रतिनिधियों ने भी कोई सुध नहीं ली है। न तो जिले से विधायक चुने जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा और न ही सांसद और जदयू के बड़े नेता ललन सिंह ने उनकी समस्या को दूर करने की कोई पहल की है।

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