लंबे इंतजार के बाद महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में विभागों का हुआ बंटवारा, डिप्टी सीएम को मिले गृह और वित्त मंत्रालय

लंबे इंतजार के बाद महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में विभागों का हुआ बंटवारा, डिप्टी सीएम को मिले गृह और वित्त मंत्रालय

Desk. महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा हो गया। इसको लेकर लंबे समय से शिंद गुट और भाजपा में मंथन चल रहा था। विभागों के बंटवारे में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें गृह और वित्त दोनों अहम मंत्रालय दिया गया है। वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शहरी विकास विभाग और एमआरडीसी विभाग संभालेंगे।

बता दें कि शिंदे कैबिनेट में 9 अगस्त को कुल 18 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिसमें बीजेपी कोटे से 9 और शिंदे गुट से 9 मंत्री शामिल हैं। महाराष्ट्र मंत्री परिषद के सदस्यों की संख्या 20 है। शिंदे कैबिनेट विस्तार में किसी भी महिला नेता को मंत्री नहीं बनाया गया है। कैबिनेट में मराठा और ओबीसी समुदाय से आने वाले नेताओं को खास तवज्जो मिली है। हालांकि ब्राह्मण के साथ-साथ मुस्लिम, दलित और आदिवासी समुदाय को भी जगह देकर एक मजबूत सोशल इंजीनियरिंग बनाने की कोशिश की गई है।

मुख्यमंत्री के पास सामान्य प्रशासन, शहरी विकास, सूचना व प्रौद्योगिकी, सूचना व जनसंपर्क, लोक निर्माण (सार्वजनिक परियोजनाएं), परिवहन, विपणन, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता, राहत एवं पुनर्वास, आपदा प्रबंधन, मृदा एवं जल संरक्षण, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, अल्पसंख्यक मंत्रालय भी रहेगा। वहीं, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास गृह, वित्त और योजना, कानून और न्याय, जल संसाधन और लाभ क्षेत्र विकास, आवास, ऊर्जा, के विभाग रहेगा।

 इन्हें मिली ये जिम्मेदारी

वहीं राधाकृष्णा विखे पाटिल को राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास विभाग, सुधीर मुनगंटीवार को वन, सांस्कृतिक गतिविधियां और मत्स्य पालन विभाग, चंद्रकांत पाटिल को उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग और संसदीय कार्य मंत्रालयल, डॉ विजयकुमार गावित को आदिवासी विकास, गिरीश महाजन को ग्राम विकास व पंचायती राज, चिकित्सा शिक्षा, खेलकूद और युवा कल्याण, गुलाबराव पाटिल को जल आपूर्ति और स्वच्छता, दादा भूसे को बंदरगाह और खदान

वहीं संजय राठौर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सुरेश खाड़े को लेबर मंत्रालय, संदीपन भुमरे को रोजगार गारंटी योजना और बागवानी, उदय सामंत को उद्योग, तानाजी सावंत को सार्वजनिक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रवींद्र चव्हाण को लोक निर्माण (सार्वजनिक उद्यमों को छोड़कर), खाद्य और नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण, अब्दुल सत्तार को कृषि, दीपक केसरकर को स्कूली शिक्षा और मराठी भाषा, अतुल सावे को सहकारिता, अन्य पिछड़ा वर्ग और बहुजन कल्याण और शंभूराज देसाई को राज्य उत्पाद शुल्क विभाग की जिम्मेदारी मिली है।


Find Us on Facebook

Trending News