पटना के बिल्डर का अजब-गजब कारनामाः अवैध नक्शे पर बना रहा 11 मंजिल का 'साई एंक्लेव', 30 दिनों में 'वाजिब' जवाब नहीं दिया तो रद्द होगा निबंधन

पटना के बिल्डर का अजब-गजब कारनामाः अवैध नक्शे पर बना रहा 11 मंजिल का 'साई एंक्लेव', 30 दिनों में 'वाजिब' जवाब नहीं दिया तो रद्द होगा निबंधन

PATNA: पटना के बिल्डर खुल्लम-खुल्ला नियमों का उलंघन कर अपार्टमेंट बना रहे। ग्राहकों को ठगने के लिए हर हथकंड़ा अपना रहे हैं. इस तरह की शिकायतें लगातार मिल रही है। रेरा की तरफ से लगातार एक्शन भी लिया जा रहा है। अब तक कई प्रोजेक्ट्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई भी की गई है। इस साल 60 से अधिक प्रोजेक्ट के निबंधन आवेदन को खारिज किया जा चुका है। वहीं कई बड़े बिल्डरों से शो-कॉज भी पूछा गया है। पटना के हीरा-पन्ना इंफ्रा पर भी रेरा का डंडा चला है और निबंधन रद्द करने से पहले शो-कॉज पूछा गया है। पटना-दानापुर इलाके के बड़े प्रोजेक्ट सर्वोदय सिटी पर भी रेरा ने सख्त कदम उठाया है। एक और बड़े बिल्डर की पोल खुली है। रेरा ने पटना की कंपनी श्री अनु आनंद कंस्ट्रक्शन के एमडी बिमल कुमार ने शो-कॉज पूछा है। तीस दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर अपार्टमेंट का रेरा निबंधन रद्द किया जा सकता है। 

साईं एनक्लेव पर भी गंभीर सवाल

रेरा ने पटना के श्री अनु आनंद कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को दानापुर के मुस्तफापुर में बन रहे प्रोजेक्ट साईं एनक्लेव को लेकर नोटिस जारी किया है. नोटिस 9 साल पुराने अवैध हो चुके नक्शे पर निर्माण किए जाने को लेकर जारी किया गया है . रेरा ने बिल्डर बिमल कुमार से 30 दिनों में विस्तृत जानकारी मांगा है. जवाब असंतोष पाए जाने पर रेरा प्रोजेक्ट का निबंधन रद्द कर सकता है.बता दें कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत मार्च 2013 में की गई थी. जिसका रजिस्ट्रेशन 2018 में मिला था. प्रोजेक्ट की वैधता को बढ़ाकर मार्च 2022 तक किया गया. जांच में यह पता चला कि 9 साल पुराने नक्शे से 3- 4 ब्लॉक का निर्माण किया जाना था. लेकिन कंपनी द्वारा रेरा को सौंपी गई प्रोग्रेस रिपोर्ट में 10 वें व 11 तल्ले पर भी काम किए जाने की जानकारी दी. शुरुआती चरण में तीन-चार ब्लॉक को बढ़ाकर 14 ब्लॉक कर दिया गया. इसके लिए वर्ष 2012 से लेकर 18 तक लगातार जमीन खरीदने की जानकारी दी गई. जबकि प्रोजेक्ट प्रारंभ करने से पहले जमीन एग्रीमेंट व नक्शे का होना अनिवार्य है .रेरा के नोटिस में कहा गया है कि प्रोजेक्ट को लेकर दिसंबर 2012 में नक्शा पास किया गया. बिहार बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक इस नक्शे की वैधता 3 साल के लिए थी. अधिक से अधिक इसकी वैधता 2 साल और बढ़ाकर 5 साल तक किया जा सकता था. लेकिन प्रमोटर ने पुनः मंजूर किया नक्शा 5 साल बाद भी जमा नहीं किया. यह रेरा नियम का उल्लंघन है. 

सर्वोदय सिटी' का 'निबंधन' होगा रद्द!

कॉनसिकॉन कंस्ट्रक्शन के एमडी अमन आनंद से रेरा ने नोटिस भेज कर पूछा है कि क्यों न आपके प्रोजेक्ट सर्वोदय सिटी का निबंधन रद्द कर दिया जाए? कंपनी 30 दिनों में जवाब दे, अगर जवाब नहीं देते हैं तो रेरा आगे की कार्रवाई करेगा. रेरा ने अपने पत्र में कहा है कि आपके प्रोजेक्ट सर्वोदय सिटी का रजिस्ट्रेशन 31 मार्च 2025 तक वैलिड है। नोटिस में कहा गया है कि कंपनी सर्वोदय सिटी का सही नक्शा जमा नहीं कर रेरा नियमों का उल्लंघन कर रही। कंपनी बिहार बिल्डिंग बाइ-लॉज के तहत नक्शा को समिट नहीं किया है.  इस संबंध में 7 सितंबर 2021 को री एप्रूव्ड मैप जमा करने को लेकर ई-मेल भी भेजा गया था. वह समय भी समाप्त हो गया है. रेरा ने नोटिस में कहा है कि अगर रिवैलिडेटेड नक्शा जमा नहीं कराते हैं तो अथॉरिटी निबंधन रद्द करने और प्रमोटर को डिफॉल्ट कर सकती है. इस संबंध में विस्तृत जवाब 30 दिनों में जमा करें .

हीरा-पन्ना ने रेरा को भी दिया गच्चा !

 बिहार के सैकड़ों ग्राहकों का करोड़ों रुपये का क्या होगा? क्या उनके पैसे वापस होंगे यह बड़ा सवाल है। बिल्डरों के फर्जीवाड़े के भुक्तभोगी ग्राहकों को समझ में नहीं रहा कि उनका पैसा लौटेगा भी या नहीं। जिस जमीन पर पहले अग्रणी होम्स ने प्रोजेक्ट बनाकर ग्राहकों से करोड़ों रू लिये उसी जमीन पर हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट्स ने रजिस्ट्रेशन करा बुकिंग शुरू की थी. देर से ही सही लेकिन रेरा ने अब जाकर सख्त कदम उठाया है। 

एक ही जमीन पर पहले अग्रणी फिर हीरा पन्ना ने शुरू की थी बुकिंग

पटना के रूपसपुर नहर रोड के सूरज सुमन नगर में अग्रणी होम्स ने 2013 में बिना निबंधन के ही बुकिंग शुरू कर दी थी. ब्लॉक ए, बी व सी प्रोजेक्ट के लिए ग्राहकों से एडवांस में करोड़ों रुपए लिए गए थे . बुकिंग शुरू की 2013 में और लैंड एग्रीमेंट किया गया 2018 में। अग्रणी होम्स के एमडी आलोक कुमार ने जमीन मालिक मनीष सिंह से 2018 में लैंड एग्रीमेंट किया. इसी साल प्रोजेक्ट के रजिस्ट्रेशन को लेकर रेरा में आवेदन दिया. लेकिन अचानक ही वर्ष 2019 में ही जमीन मालिक ने ग्राहकों को सूचना दिए बिना ही पैसे विवाद में लैंड एग्रीमेंट रद्द कर दिया. इसी बीच वर्ष 2019 में हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट के शरद केसरी ने उसी जमीन पर जमीन मालिक से लैंड एग्रीमेंट कर लिया। इस वजह से सूरज सुमन प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले सैकड़ों ग्राहकों का पैसा फंस गया. शरद केसरी ने जमीन एग्रीमेंट के बाद द क्राउन नाम से आवासीय प्रोजेक्ट शुरू किया . 2021 में रेरा ने रजिस्ट्रेशन भी दे दिया . हालांकि मामले के खुलासे के बाद रेरा ने हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट के निदेशक से शो-कॉज पूछा है कि तथ्य छुपाने के आरोप में क्यों न आपका रजिस्ट्रेशन रदद् कर दिया जाए और जुर्माना लगाया जाए। रेरा ने हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के निदेशक शरद केसरी से 30 दिनों में जवाब मांगा है। 

हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट की खुल गई पोल

बिहार के कई बिल्डर अब तक ग्राहकों को ही धोखा दे रहे थे। अब तो अपार्मेंट निर्माण में लगे बिल्डर रेरा को ही गच्चा दे रहे। हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी ने तो रेरा को ही धोखा दे दिया। रेरा ने हीरा-पन्ना पर तथ्य छुपाने के आरोप में 'द क्राउन' के फ्लैट या अपार्टमेंट की बिक्री और अनुबंध पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। रेरा ने 29 सितंबर के आदेश में कहा कि तीस वर्किंग डे में जवाब दें.  रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथारिटी (रेरा) ने तथ्य छिपाकर विवादित भूमि पर परियोजना का निबंधन कराने के मामले को लेकर सख्त आपत्ति जताई है।इसके बाद निबंधन आइजी को पत्र लिखकर कहा है कि वे इस परियोजना से जुड़े किसी भी फ्लैट व अपार्टमेंट का निबंधन न करने का निर्देश दें। रेरा ने कंपनी के निदेशक शरद केसरी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न आपकी परियोजना का निबंधन रद कर दिया जाए और आर्थिक दंड लगाया जाए? इसको लेकर कंपनी से 30 दिनों में जवाब मांगा गया है।

जिस भूमि पर निबंधन, उसपर किसी और कंपनी का अनुबंध

रेरा ने हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी को नोटिस दिया है और 30 दिनों में जवाब दाखिल करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर रेरा एकतरफा निबंधन रद्द कर देगा। नोटिस के अनुसार, कंपनी ने सिकंदरपुर मौजा की जिस भूमि पर अपने परियोजना का निबंधन कराया है, उस पर मालिक ने 2013-14 में ही दूसरी कंपनी अग्रणी होम्स प्राइवेट लिमिटेड से अनुबंध किया था। ऐसे में रेरा ने यह तथ्य छिपाने पर हीरा-पन्ना कंपनी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। ऐसे में खरीदारी की प्रक्रिया में जुटे लोगों की चिंता बढ़ गई है। अब देखना है कि कंपनी के जवाब के बाद रेरा क्‍या कदम उठाता है। 

दो बिंदूओं पर शो-क़ॉज

अब रेरा ने इस जुर्म में हीरा-पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के निदेशक से जवाब मांगा है। तीस दिनों में निदेशक शरद केसरी को जवाब देना होगा। रेरा ने दो बिंदूओं पर जवाब मांगा है। पहला यह कि क्यों न रेरा की धारा -7 के तहत तुरंत प्रभाव से प्रोजेक्ट के निबंधन को रद्द कर दिया जाए। दूसरा यह कि क्यों न इस आरोप में जुर्माना लगाया जाए? अगर कंपनी तय समय में जवाब दाखिल नहीं करती है तो निबंधन रद्द कर दिया जाएगा।

फ्लैट की बुकिंग पर रोक

इसके साथ ही रेरा ने कंपनी के प्रोजेक्ट में फ्लैट बिक्री-एग्रीमेंट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है। इस संबंध में निबंधन आईजी को पत्र भेजा गया है और इस कंपनी के द क्राउन अपार्टमेंट की फ्लैट निबंधन करने से मना करने का निर्देश दिया है। 

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