अग्निपथ के अग्निवीरों को अपनी कंपनी में बहाल करेंगे आनंद महिंद्रा, बताया किस पोस्ट की देंगे नौकरी

अग्निपथ के अग्निवीरों को अपनी कंपनी में बहाल करेंगे आनंद महिंद्रा, बताया किस पोस्ट की देंगे नौकरी

PATNA : चार साल की नौकरी के बाद रिटायर होनेवाले अग्निवीरों के आनेवाले भविष्य को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं कि उसके बाद उनका क्या होगा। जहां सरकार ने यह घोषणा   की है उन्हें सेना के दूसरे बलों में नौकरी में दस फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। वहीं कई राज्यों ने भी पुलिस भर्ती में उन्हें प्राथमिकता देने की बात कही है। वहीं अब देश की बड़ी कंपनियों ने उन्हें नौकरी देने का भरोसा दिया है। इसमें जिस उद्योगपति ने सबसे पहले अग्निवीरों को नौकरी देने का वादा किया है, वह हैं आनंद मंहिद्रा।

महिंद्रा ग्रुप ने सेना में चार साल की सेवा के बाद 'अग्निवीरों' की भर्तियों का ऐलान किया है। उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी है। उन्होंने 'अग्निपथ' योजना को लेकर जारी हिंसा पर दुख जताया है। साथ ही उन्होंने अग्निवीरों को मिलने वाली ट्रेनिंग को खास बताया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि 'अग्निपथ प्रोग्राम को लेकर जारी विरोध से दुखी हूं। बीते साल जब योजना पर विचार किया गया था, तो मैंने कहा था औऱ मैंने रिपिट किया  था कि अग्निवीर जो अनुशासन और कौशल सीखेंगे, वह उन्हें खासतौर से रोजगार के लायक बना देगा। महिंद्रा ग्रुप ऐसे प्रशिक्षित, सक्षम युवाओं की भर्ती के मौके का स्वागत करता है।'

बताया किन पोस्ट पर होगी नियुक्ति

जब आनंद महिंद्रा से यह पूछा गया कि वह अग्निवीरों को कंपनी में क्या पोस्ट देंगे? इसपर लिखा गया, 'लीडरशिप क्वॉलिटी, टीम वर्क और शारीरिक प्रशिक्षण की वजह से अग्निवीर के रूप में इंडस्ट्री को बाजार के लिए तैयार पेशेवर मिलेंगे. ये लोग एडमिनिस्ट्रेशन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट कहीं भी काम कर सकते हैं।

इस साल 46 हजार नियुक्तियां

इस साल करीब 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती होनी है, लेकिन एक टॉप मिलिट्री ऑफिसर ने कहा है कि यह आंकड़ा भविष्य में 1.25 लाख तक पहुंच सकता है। सेना ने कहा कि 'अग्निवीर' भारतीय सेना में अलग श्रेणी होगी जो मौजूदा रैंक से अलग होगी और उन्हें किसी भी रेजीमेंट या यूनिट में तैनात किया जा सकेगा।

बेहद सख्त है अग्निवीर के नियम

अग्निवीरों के लिए नियम बेहद सख्त बनाए गए हैंं। सेना ने कहा कि सरकारी गोपनीयता कानून, 1923 के तहत 'अग्निवीरों' को चार साल की सेवा के दौरान मिली गोपनीय सूचनाओं को किसी भी अनाधिकारिक व्यक्ति या सूत्र को बताने से प्रतिबंधित किया जाएगा। 

सेना ने कहा, ''इस योजना के लागू होने से सेना के मेडिकल ब्रांच के टेक्निकल कैडर के अलावा अन्य सभी सामान्य कैडरों में सैनिकों की नियुक्ति सिर्फ उन्हीं के लिए खुलेगी जिन्होंने बतौर अग्निवीर अपना कार्यकाल पूरा किया है।'' सेना ने एक विज्ञप्ति में कहा कि सेवा काल समाप्त होने से पहले 'अग्निवीर' अपनी इच्छा से सेना नहीं छोड़ सकेंगे।



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