मनु महाराज की “वीरता” का एक और मामला आया सामने, रोहतास के SP रहते गढ़ ली थी शौर्य की फर्जी कहानी

मनु महाराज की “वीरता” का एक और मामला आया सामने, रोहतास के SP रहते गढ़ ली थी शौर्य की फर्जी कहानी

PATNA: लखीसराय में संदिग्ध एनकाउंटर दिखा कर गैलेंट्री अवार्ड लेने की कोशिशों के आरोपी पटना के SSP मनु महाराज का एक और कारनामा सामने आ गया है. 6 साल पहले यानि 2012 में भी मनु महाराज पर फर्जी तरीके से गैलेंट्री अवार्ड लेने की कोशिश करने का आरोप लगा था. मनु महाराज तब रोहतास के SP थे. “OPEN” मैग्जीन ने इस कारनामे का खुलासा किया था. 

नक्सलियों को CRPF ने मारा, 3 घंटे बाद पहुंचे मनु महाराज ने श्रेय लिया

OPEN मैग्जीन की उस पूरी पड़ताल ने रोहतास के तत्कालीन SP मनु महाराज की पोल खोल दी थी.  CRPF के 205 कोबरा बटालियन ने जान जोखिम में डालकर नक्सलियों से लोहा लिया था. मुठभेड़ में तीन नक्सली मार गिराये गये थे. लेकिन मुठभेड़ के तीन घंटे बाद वहां पहुंचे रोहतास के SP मनु महाराज ने अपने AK-47 रायफल और पिस्टल से तीन राउंड गोलियां चलायीं और फिर राष्ट्रपति के गैलेंट्री अवार्ड के लिए अपना नाम भिजवा दिया. रोहतास की चुटिया थाना पुलिस ने फिल्मी कहानी गढ़ते हुए एक FIR तक दर्ज कर लिया, जिसमें SP मनु महाराज और थानेदार को वीर बताते हुए तीन नक्सलियों को मार गिराने का श्रेय दे दिया गया. इस वाकये के उजागर होने के बाद CRPF में विद्रोह की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी. 

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मुठभेड़ की कहानी

नक्सलियों से मुठभेड़ की ये कहानी 2 जनवरी 2012 की है. रोहतास में तैनात CRPF के 205 कोबरा बटालियन को खबर मिली कि चुटिया के जंगल में माओवादियों का दस्ता छिपा है.  रात के दो बजे कोबरा जवानों ने नक्सलियों को घेर लिया और जबरदस्त मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गये, वहीं एक नक्सली को जिंदा गिरफ्तार कर लिया गया. इस जबरदस्त एनकाउंटर के दौरान नक्सलियों से मुकाबला करने के लिए कोबरा जवानों को 154 राउंड गोली और पांच हैंड ग्रेनेड चलाने पड़े. इस मुठभेड़ में CRPF के कोबरा बटालियन के दो मुस्लिम जवानों इम्तियाज और रिजवान ने सबसे अहम भूमिका निभायी थी. दोनों जम्मू-कश्मीर के रहने वाले थे. 

CRPF जवानों ने लोहा लिया, गैलेंट्री के लिए मनु महाराज का नाम आ गया

OPEN मैग्जीन की पड़ताल के मुताबिक मुठभेड़ के महीनों बाद जब CRPF के जवानों को उस सूची की खबर मिली जो गैलेंट्री अवार्ड के लिए भेजी गयी थी तो उनके होश उड़ गये. तीन नक्सली गुरिल्लों को मार गिराने के लिए जिन चार लोगों के नाम राष्ट्रपति के वीरता पदक के लिए भेजा गया उसमें CRPF के दो लोगों के अलावा रोहतास के तत्कालीन SP मनु महाराज और चुटिया के थाना प्रभारी अरूण कुमार अकेला का नाम शामिल था. नक्सलियों से लोहा लेने वाले CRPF के बहादुर जवानों के हौंसले उस लिस्ट को देखकर पस्त हो गये. शौर्य घोटाले में IPS अधिकारी शामिल थे, जिनसे लड़ पाना साधारण जवान के लिए असभंव था. लिहाजा निराश जवान खामोश बैठ गये.

एक साल बाद खुला मामला

एक साल बाद CRPF  के प्रवीण कुमार नाम के अधिकारी को पूरे मामले की खबर मिली. प्रवीण कुमार ने मुठभेड़ में शामिल जवानों को एक साथ बिठाया और कैमरे के सामने उनसे पूछताछ शुरू की. जवानों ने कैमरे के सामने बताया कि मनु महाराज और उनके थानेदार एनकाउंटर में शामिल ही नहीं थे. वे तो घटना के तीन घंटे बाद वहां पहुंचे थे. जवानों ने बताया कि मनु महाराज और अरूण कुमार अकेला ने घटना के बाद वहां पहुंच कर हवा में गोलियां चलायीं और फिर थाने में एक FIR दर्ज कर ली गयी, जिसमें दावा किया गया कि मुठभेड़ में मनु महाराज और अरूण कुमार अकेला दोनों शामिल थे.

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मनु महाराज की पुलिस ने दर्ज की थी फिल्मी FIR

गैलेंट्री की चाहत इतनी ज्यादा थी कि रोहतास की चुटिया पुलिस ने फिल्मी तरीके से FIR दर्ज कर ली थी. पुलिस की FIR के मुताबिक मनु महाराज के नेतृत्व में कोबरा के जवान आगे बढ़ रहे थे. तभी नक्सली चिल्लाये-“ कोबरा जवान एसपी और बड़ा बाबू के नेतृत्व में आ गया है. यही मौका है, सब को मार दो”. मजे की बात ये कि FIR दर्ज करते वक्त पुलिस ये भी भूल गयी थी कि मुठभेड़ अंधेरे में घने जंगल में हुई थी. फिर भी नक्सलियों ने SP मनु महाराज और पुलिस के थानेदार को दूर से ही पहचान लिया. FIR में लिखा गया कि नक्सलियों से लोहा लेते समय SP मनु महाराज ने अपने पिस्टल से एक राउंड और AK-47 रायफल से दो राउंड गोली चलायी. वहीं थानेदार अरूण कुमार अकेला ने अपने पिस्टल से पांच राउंड गोली चलायी. हकीकत ये थी कि नक्सलियों से निपटने के लिए कोबरा जवानों को 154 राउंड फायरिंग और 5 हैंड ग्रेनेड चलाने पड़े थे. OPEN मैग्जीन ने CRPF ही नहीं बल्कि रोहतास पुलिस के जवानों से भी बातचीत रिकार्ड कर ये बताया कि मनु महाराज और उनके थानेदार घटना के तीन घंटे बाद पहुंचे थे. OPEN मैग्जीन ने वो वीडियो भी दिखाया जिसमें घटना के घंटों बाद कोबरा बटालियन के डिप्टी कमांडर टी एन सिंह फोन पर SP मनु महाराज को कह रहे हैं कि सावधानी से यहां आइयेगा. वीडियो में उस हवाई फायरिंग की भी आवाज है जो मुठभेड़ के घंटों बाद की गयी थी.  

प्रधानमंत्री लेकर गृह मंत्री तक हुई थी शिकायत

इस वीरता घोटाले की शिकायत प्रधानमंत्री से लेकर गृह मंत्री को भेजी गयी थी. ये दीगर बात है कि जिन पर बहादुर जवानों की वीरता को दबा कर फर्जी वीर बनने का आरोप था उनका रसूख ऐसा था कि कार्रवाई नहीं हुई. OPEN मैग्जीन ने इस बाबत बिहार के गृह सचिव आमिर सुबहानी से बात की थी तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. जबकि मनु महाराज ने कहा था कि उन पर गलत आरोप लगाये जा रहे हैं. 

अवार्ड के लिए किस हद तक गिरेंगे पुलिस अधिकारी

बिहार के डीजीपी पद से रिटार्यड एक अधिकारी ऐसे मामलों को बेहद गंभीर बता रहे हैं. उनकी मानें तो सही अधिकारी वो है जो अपनी उपलब्धि के लिए भी अपनी टीम को श्रेय दे. उनके मुताबिक ऐसे कारनामों के कारण ही बिहार पुलिस का मनोबल गर्त में पहुंच गया है. 

( ये खबर OPEN मैग्जीन में 30 मार्च 2013 को प्रकाशित हुई थी और वहीं से साभार ली गयी है)

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