पटना स्मार्ट सिटी बोर्ड की अहम बैठक, राजधानी के नए इलाकों को एबीडी में किया गया शामिल,जानें...

पटना स्मार्ट सिटी बोर्ड की अहम बैठक, राजधानी के नए इलाकों को एबीडी में किया गया शामिल,जानें...

PATNA : राज्य के चारों स्मार्ट सिटी के पदाधिकारी मिशन मोड में सभी काम को निबटाएं तथा सतत और सकारात्मक माइंडसेट से काम करें. इससे न केवल कार्य की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी होगी. बल्कि तेजी से जमीन पर मूर्त रूप लेते दिखायी देंगे. यदि स्मार्ट सिटी के पदाधिकारियों ने कोई भी लापरवाही की तो फिर कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. उपरोक्त निर्देश आनंद किशोर, अध्यक्ष, स्मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स सह प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्मार्ट सिटी के पदाधिकारियों को दिया है. आनंद किशोर ने स्पष्ट किया है कि राज्य के चारों स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में अविलंब सुधार लाना है. दो महीने में 70 प्रतिशत और चार महीने में 100 फीसदी काम जमीन पर उतर जाएं और उसकी गुणवत्ता के साथ कोई भी समझौता नहीं हो. 

बताते चलें की आनंद किशोर प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग  बिहार सरकार सह अध्यक्ष पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की अध्यक्षता में पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड बोर्ड की 16 वीं बैठक सोमवार को विकास भवन में हुई.  सीता साहू, महापौर पटना नगर निगम की उपस्थिति में बोर्ड की बैठक में कुल 23 एजेंडों पर चर्चा हुई. इस मौके पर उन्होंने शहर में पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए कई निर्देश  दिए. किशोर ने कहा कि मैकेनाइज्ड पार्किंग के साथ पजल पार्किंग तथा रोबोटिक शटल डॉली पार्किंग सिस्टम को अडॉप्ट करते हुए एबीडी एरिया में 5 स्थानों पर पार्किंग की कार्ययोजना बनाएं. उन्होंने एबीडी क्षेत्र में 5 जगहों पर पार्किंग बनाने हेतु जगह चिह्नित करने के निदेश स्मार्ट सिटी के एमडी सह नगर आयुक्त श्री हिमांशु शर्मा और बुडको के एमडी रमन कुमार को दिए. आनंद किशोर ने कहा कि अंटा घाट एक बड़ी सब्जी मंडी है, जहां पर अभी स्वच्छता को दरकिनार करते हुए सब्जियां बिक्री की जाती है. इस कारण उसे व्यवस्थित करते हुए बहुत ही आकर्षक और आधुनिक वेंडिंग जोन बनाएं और वहां पर जो वेंडर हैं, उन्हें ही वेंडिंग जोन उपलब्ध कराने की कार्रवाई करें. 

पीएससीएल की 16 वीं बोर्ड मीटिंग में लिए गए मुख्य निर्णय निम्नवत हैं-

बोर्ड की बैठक में एबीडी विस्तार के चार प्रस्तावों पर चर्चा हुई. विचारोपरांत निम्नलिखित क्षेत्रों को पटना स्मार्ट की एबीडी में शामिल करने की स्वीकृति दी गयी. 

1-वर्तमान एबीडी के दक्षिण, करबिगहिया, मीठापुर बस स्टैंड एवं आर्यभट नॉलेज यूनिवर्सिटी एवं चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी के बीच में अवस्थित तालाब को शामिल किया गया। 

2-वर्तमान एबीडी के पश्चिम में हार्डिंग रोड, विकास भवन एवं इको पार्क तक सचिवालय के क्षेत्र को शामिल किया गया है. विस्तार के बाद अब इनकम टैक्स चौराहा से लेकर शेखपुरा मोड तक नेहरू पथ के अंश को एबीडी का हिस्सा बनाया गया है.*  एसके पुरी से लेकर बोरिंग रोड, पानी टंकी, एएन कॉलेज, सहदेव महतो मार्ग नेहरू रोड बसावन पार्क के पास तक स्मार्ट सिटी के क्षेत्र में लिए गये हैं.

3-उत्तर में बोरिंग कैनाल रोड से लेकर राजापुर पुल तक। 

 4-पूरब में अशोक राजपथ के उत्तर से लेकर रानीघाट एवं कलेक्ट्रेट घाट के बीच अवस्थित सभी घाट को एबीडी में शामिल किया गया है।

अदालतगंज तालाब जीर्णोद्धार परियोजना: बोर्ड द्वारा परियोजना के स्कोप के विस्तार को स्वीकृति प्रदान की गई. परियोजना के अंतर्गत तालाब में बोटिंग की सुविधा, लेजर लाइट शो एवं चिल्ड्रेन्स पार्क की सुविधा भी लोगों को मिलेगी. वर्तमान में परियोजना के अंतर्गत तालाब जीर्णोद्धार, ओपन एयर थियेटर, फूड कोर्ट घाट का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. वहीं म्यूजिकल फाउंटेन अधिष्ठापन का कार्य भी जारी है. पटनावासियों को सुविधाओं एवं मनोरंजन के विभिन्न साधनों से लैस हैंगआउट प्वॉइंट उपलब्ध कराने के उद्येश्य से बोर्ड द्वारा परियोजना विस्तार की अनुमति दी गई है. 

बाकरगंज नाला: बोर्ड द्वारा बाकरगंज नाले को पाटकर उस पर सड़क बनाने हेतु पुन : डीपीआर तैयार करने एवं निविदा प्रकाशित कर एजेंसी चयन की स्वीकृति दी गई. परियोजना के अंतर्गत ऊमा सिनेमा से अंटा घाट होते हुए गंगा नदी तक मिलने वाले नाले के छोर तक नाले पर सड़क बिछाई जाएगी एवं हल्के वाहनों के आवागमन की व्यवस्था की जाएगी. 

अंटाघाट वेंडिंग जोन: बोर्ड द्वारा बाकरगंज नाला जीर्णोद्धार परियोजना के अंतर्गत अंटाघाट में बनने वाली सड़क के दोनों किनारे आधुनिक वेंडिंग जोन निर्माण की भी स्वीकृति दी गई. 

जन सेवा केंद्र: पटना स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत वर्तमान में 9 वार्ड में जन सेवा केंद्र के भवन निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है. बोर्ड द्वारा विभिन्न विभाग एवं एजेंसियों यथा पटना नगर निगम, बिजली विभाग, आयकर विभाग, परिवहन, लोक अभियंत्रण आदि एवं संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्योर तैयार करने का निर्देश दिया गया. ताकि परियोजना की लॉन्चिंग के साथ ही लोगों को पैन, आधार, टैक्स भुगतान, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि संबंधी कागजी कार्रवाई एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो. 

 गांधी मैदान क्षेत्र सौंदर्यीकरण: बोर्ड दवारा सक्षम प्राधिकार से डीपीआर की प्रशासनिक स्वीकृति एवं इस्टीमेट की तकनिकी स्वीकृति के उपरांत निविदा प्रकाशित करने का निर्देश  दिया गया. इसके साथ ही परियोजना की 50 प्रतिशत राशि के वहन हेतु पर्यटन विभाग, बिहार सरकार से समन्वय स्थापित करने की स्वीकृति दी. परियोजना के अंतर्गत गांधी मैदान क्षेत्र में अवस्थित सभी सरकारी भवनों यथा गोल घर, ज्ञान भवन, श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल आदि पर थीम आधारित फसाड लाइटिंग की जाएगी. जिससे शहर के सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रक्ट कहे जाने वाले गांधी मैदान क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और मेगास्क्रीन एवं हैप्पी स्ट्रीट के साथ इस परियोजना के पूर्ण होने से शहरवासियों को एक और हैंगाउट प्वॉइंन्ट का तोहफा मिलेगा. 

स्मार्ट पार्किंग: शहरवासियों की पार्किंग की समस्या को देखते हुए बोर्ड द्वारा एबीडी क्षेत्र में स्मार्ट पार्किंग परियोजना के अंतर्गत 5 स्थानों पर आधुनिक पार्किंग तैयार किए जाएंगे. परियोजना के अंतर्गत इंटरनेट ऑफ थिंग्स व्यवस्था के तहत ऑटोमेटेड पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगें. राजधानी में 5 स्थानों पर मैकेनाइज्ड पार्किंग, पजल पार्किंग तथा रोबोटिक शटल डॉली पार्किंग स्थल के चयन हेतु बोर्ड द्वारा नगर आयुक्त एवं बुडको के प्रबंध निदेशक की संयुक्त कमिटी बनाई गई है.

ई-टॉयलेट: बोर्ड द्वारा एबीडी क्षेत्र में लगभग 45 ई-टॉयलेट का निर्माण स्मार्ट सिटी मिशन फंड से करने की स्वीकृति प्रदान की गई. विदित है कि मिशन के मूल प्रस्ताव में उक्त परियोजना कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी फंड से प्रस्तावित था. परियोजाना पर लगभग 4.5 करोड़ रुपये व्यय होंगे. 

इंटर्नशिप प्रोग्राम : देश के 100 स्मार्ट सिटीज में इंटर्नशिप हेतु आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा द अर्बन लर्निंग इंटर्नशिप प्रोग्राम चलाया जा रहा है. इसके अंतर्गत छात्र किसी भी स्मार्ट सिटी में इंटर्नशिप प्राप्त कर सकते हैं. बोर्ड द्वारा उक्त प्रोग्राम के माध्यम से पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड में इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को स्टाइपेंड हेतु प्रति माह 5000 रुपये देने की स्वीकृति प्रदान की गई. 

बोर्ड की मीटिंग में कंपनी का पेडअप कैपिटल बढ़ाने, कंपनी के ड्राफ्ट फाइनेनशियल स्टेटमेंट, बोर्ड के नए डयरेक्टर्स की नॉमिनेशन समेत अन्य प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की गई. बोर्ड की बैठक में बुडको के प्रबंध निदेशक रमन कुमार, वित्त विभाग बिहार सरकार के संयुक्त सचिव पंकज कुमार सिन्हा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अवर सचिव सबक लाल प्रसाद एवं नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार के उप सचिव देवेंद्र कुमार प्रज्जवल बतौर नॉमिनी डायरेक्टर उपस्थित रहे. 

पटना से विवेकानंद की रिपोर्ट 

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