सुपर पावर ग्रिड के लिए किसान नहीं देना चाहते अपनी जमीन, अधिग्रहण के लिए प्रशासन को आ रही मुश्किलें

सुपर पावर ग्रिड के लिए किसान नहीं देना चाहते अपनी जमीन, अधिग्रहण के लिए प्रशासन को आ रही मुश्किलें

कटिहार। जिले में सुपर पावर ग्रीड निर्माण की प्रस्तावित स्थल को लेकर अभी से ही कोहराम मचना शुरू हो गया है। यहां जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई है। ग्रिड के लिए किसान अपनी जमीन देने को राजी नहीं हैं। अपनी जमीन बचाने के लिए किसानों ने स्थानीय विधायक और कटिहार के विधान पार्षद से जमीन बचाने की गुहार भी लगाई है।

दरअसल कोढ़ा विधानसभा में सुपर पावर ग्रीड बनना है, जिससे न सिर्फ इस इलाके में चौबीस घंटे बिजली जगमग रहेगी बल्कि पड़ोसी देश नेपाल,भूटान और बांग्लादेश तक बिजली पहुंचाकर सरकार को अच्छा राजस्व भी आएगा लेकिन इस बीच नक्शे के अनुसार डेढ़ सौ एकड़ की जो जमीन प्रस्तावित स्थल के रूप में सबसे ज्यादा चर्चे में है, उसी दिघरी गांव के किसान इस पर विरोध जता रहे हैं।

 किसानों का कहना है पावर ग्रिड के लिए जो जगह प्रशासन ने चुना है, वह खेतिहर जमीन है। इसी जमीन पर खेती कर लगभग सौ परिवार का भरण पोषण करते हैं। उन लोगों के पास दूसरा कोई विकल्प भी नहीं है। किसानों का कहना है कि इस जमीन के बगल में सरकारी जमीन है, जो वर्षों से खाली पड़ी हुई है।   अब किसान चाहते हैं कि उन लोगों के खेतिहर जमीन को छोड़कर इसी विधानसभा में बगल के बिहार सरकार के जमीन पर इस सुपर पावर ग्रीड का निर्माण हो,वही किसान इस विषय पर ध्यान अकृषित करने के लिए कोढ़ा विधान से विधायक और कटिहार के विधान पार्षद को एक आवेदन  देते हुए जमीन बचाने की गुहार लगाया  है ,

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