भारत में शिक्षा की नींव डालने वाली सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख की साझी विरासत पर ऐपवा ने चलाया अभियान

भारत में शिक्षा की नींव डालने वाली सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख की साझी विरासत पर ऐपवा ने चलाया अभियान

PATNA: भारत में शिक्षा की नींव डालने वालीं सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख की साझी विरासत पर ऐपवा ने अभियान चलाया। राजधानी पटना में यह अभियान चलाया गया। आखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा ) ने अभियान का आगाज किया और पर्चा जारी किया। 

नई पीढ़ी को जानना चाहिए कौन थी सावित्रीबाई फुले:- 

सावित्रीबाई  का जन्म  3 जनवरी को महाराष्ट्र में हुआ था। 9 साल की उम्र में उनका विवाह 13 साल के ज्योतिबाफुले  के साथ हुआ था। उस समय के समाज में किसी भी जाति की लड़कियों की पढ़ाई-लिखाई  करना बहुत कठिन था फिर भी ज्योतिबा फुले ने सावित्रीबाई को  पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। फुले के नेतृत्व में आरंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद सावित्रीबाई शिक्षक प्रशिक्षण सर्टिफिकेट की पढ़ाई के लिए अहमदनगर गईं, जहां फातिमा शेख उनकी सहपाठी थी। औपचारिक शिक्षा के बाद फुले और सावित्रीबाई ने मिलकर भीलवाड़ा  नाम की जगह पर लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया। यह स्कूल सभी जाति की लड़कियों के लिए था। और इसी साल इन्होंने दलित लड़कियों के लिए एक और स्कूल शुरू किया। इस तरह 1848 से 1852 के बीच इन दोनों लोगों ने मिलकर कम से कम 12 स्कूलों की स्थापना की। लड़कियों और शूद्रों (दलित और अतिपिछड़े) के लिए स्कूल खोलना और महिला शिक्षकों का उन्हें पढ़ाना यह दोनों ही उस समय के समाज में किसी  सामाजिक क्रांति से कम न था। स्कूल जाते समय सावित्रीबाई पर गाँव वाले पत्थर और गोबर फेंकते, पर इससे सावित्रीबाई  का लड़कियों को शिक्षित करने का संकल्प और ज्यादा मजबूत हुआ। सावित्रीबाई ने महिलाओं को शिक्षा के लिए सिर्फ इसलिए जागरूक नहीं किया कि वह एक अच्छी गृहणी बनें बल्कि वह चाहती थी कि महिलाएं पुरुषों के बराबर अधिकार प्राप्त कर सकें। सावित्रीबाई ने बाल विवाह और नशा के ख़िलापज भी अभियान चलाया साथ ही उन्होंने गर्भवती बाल विधवाओं के लिये आश्रय घर की भी शुरूआत की थी। ब्राह्मणवादी पितृसत्ता और जाति आधारित गुलामी से समाज को मुक्त कराने के उद्देश्य से  सन 1873 में ‘सत्यशोधक समाज’की स्थापना की गई तो सावित्रीबाई इसकी महिला इकाई की अध्यक्ष थीं। इसकी साप्ताहिक बैठकों में जनता को शिक्षित करने और विधवा पुनर्विवाह जैसे मसलों पर खुलकर चर्चाएँ तेज होती थीं। 1897 में पुणे जिले में व्यापक पैमाने पर प्लेग नामक महामारी फैल गई। सावित्रीबाई निजी स्तर पर राहत कार्य में जुट गईं और खुद प्लेग की चपेट में आ गईं और 10 मार्च 1897 को उनकी मृत्यु हो गई।

जानिए कौन थी फातिमा शेख (जन्म: 9 जनवरी)

भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख ने लड़कियों, खासकर दलित और मुस्लिम समुदाय की लड़कियों को शिक्षित करने में सन्‌ 1848 के दौर में अहम योगदान दिया था। फ़ातिमा शेख़ सावित्रीबाई फुले की सहयोगी थीं. जब ज्योतिबा और सावित्री फुले ने लड़कियों के लिए स्कूल खोलने का बीड़ा उठाया, तब फ़ातिमा शेख़ ने भी इस मुहिम में उनका साथ दिया।  फ़ातिमा शेख़ ने सावित्रीबाई के स्कूल में पढ़ाने की ज़िम्मेदारी भी संभाली, इसके लिए उन्हें समाज के विरोध का भी सामना करना पड़ा था। ज्योतिबाफुले के पिता ने जब दलितों और महिलाओं के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके कामों की वजह से उनके परिवार को घर से निकाल दिया था, तब फ़ातिमा शेख़ के बड़े भाई उस्मान शेख़ ने ही उन्हें अपने घर में जगह दी।

सावित्रीबाई फुले और फ़ातिमा शेख की साझी  विरासत को आज क्यूं याद करें:-

आज जब समाज  में हिंदू-मुस्लिम  के बीच  विभाजन, दलित उत्पीड़न  और महिलाओं पर हिंसा बढ़ती जा रही है तब जरूरी हो जाता है कि हम इन दो नायिकाओं को याद करें जिन्होंने आज से डेढ़ सौ साल पहले हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल कायम करते हुए दलितों और महिलाओं की शिक्षा के लिए कंधे से कंधा मिलाकर सँघर्ष किया। 

आज इस देश मे सरकार जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बोल रही है, साम्प्रदायिक जहर घोलकर नफ़रत फैलाने की राजनीति कर रही है। मनुस्मृती को जायज मानते हुए महिला विरोधी कानूनो का निर्माण कर रही है। संविधान में  बालिग लड़का लड़की को अपनी मर्जी से शादी करने और अपना धर्म चुनने के अधिकार के विरुद्ध योगी सरकार 'लव जिहाद' का नाम लेकर एक ऐसा कानून लायी है जिसमे शादी के बाद धर्म परिवर्तन करने पर नवविवाहितों को प्रताड़ित किया जा रहा है। हमें  भाजपा के इस घृणित  महिला विरोधी  हमलों का हर स्तर पर विरोध करना होगा। 

ऐपवा ने अपील की है कि  3 से 9 जनवरी 2021 को सावित्रीबाई फुले और फ़ातिमा शेख की साझी विरासत को याद करें। महिलाओं की सम्पूर्ण आज़ादी के लिए सँगठित सँघर्ष करें। महिला आंदोलन को मजबूत बनाएं।

पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट

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