अशोक चौधरी ने भवन मंत्री का पदभार संभालते ही कही बड़ी बात - BJP से नीतीश के अलग होने की खास वजह

अशोक चौधरी ने भवन मंत्री का पदभार संभालते ही कही बड़ी बात - BJP से नीतीश के अलग होने की खास वजह

पटना. अशोक चौधरी ने मंगलवार को मंत्री पद की शपथ लेने के बाद भवन निर्माण विभाग का पदभार संभाल लिया. अशोक चौधरी पदभार ग्रहण करते हैं बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पुरानी बीजेपी के साथ हमसब बेहतर काम कर रहे थे लेकिन नई बीजेपी के साथ काम करना मुश्किल है. इसलिए हमसब ने लग होने का फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के बारे में सीएम नीतीश कुमार चिंतित रहते हैं. अब नई सरकार में विकास के काम और तेज गति से होंगे.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पर भाजपा की ओर से दवाब बनाने का काम किया जा रहा है. अलग अलग तरह की साजिश रच गई. उन्होंने कहा कि हमलोग महागठबंधन के साथ मिलकर काम करेंगे. जिस तरह से बीजेपी ने चिराग मॉडल लाकर जदयू को कमजोर करने का काम किया उसके बाद उनके साथ सरकार में रहना उचित नहीं था. अब महागठबंधन की सरकार राज्य में विकास को नए आयाम तक ले जाएगी. 

इसके पहले उन्होंने एक फोटो ट्विट करते हुए कहा कि बिहार की राजनीति का नया अध्याय शुरू हुआ है, माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बिहार को तीव्र गति से विकासपथ पर ले जाने हेतु मंत्रिमंडल में शामिल होने का सौभाग्य मिल रहा है। शपथ ग्रहण हेतु जाने से पहले श्रीमती जी के द्वारा तिलक लगवाया व ईश्वर से बिहार के खुशहाली की कामना की।

वहीं शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने एक अन्य ट्विट में कहा- शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात माननीय मुख्यमंत्री जी का सान्निध्य प्राप्त हुआ।  प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की सेवा का एक बार पुनः अवसर देने हेतु मैं माननीय मुख्यमंत्री जी का आभारी हूं। आप सभी की शुभकामनाओं एवं आशीर्वाद के लिए सहृदय साधुवाद।

इस पूर्व अशोक चौधरी ने मंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ ही मंत्रिमंडल गठन के बाद नीतीश कुमार ने सभी मंत्रियों को उनका विभाग सौप दिया है. नीतीश कुमार के पास मुख्यमंत्री के अलावा सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन सहित ऐसे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं किए गए हैं वह रहेंगे. उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के पास स्वास्थ्य, पथ निर्माण, नगर विकास एवं आवास तथा ग्रामीण कार्य विभाग जैसे अहम विभागों का जिम्मा है. 

विजय कुमार चौधरी के पास वित्त विभाग, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य विभाग तथा विजेंद्र प्रसाद यादव के पास ऊर्जा एवं योजना एवं विकास विभाग रहेगा। आलोक कुमार मेहता राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग संभालेंगे। वहीं लालू यादव के बड़े बेटे और तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेजप्रताप यादव को पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी दी गई। 

मोहम्मद आफाक आलम को पशु एवं मत्स्य संसाधन, अशोक चौधरी को भवन निर्माण, श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास,  सुरेंद्र प्रसाद यादव को सहकारिता, डॉ रामानंद यादव को खान एवं भूतत्व, लेशी सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, मदन सहनी समाज कल्याण , कुमार सर्वजीत को पर्यटन, ललित कुमार यादव को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, संतोष कुमार सुमन को अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, संजय कुमार झा को जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क, शीला कुमारी को परिवहन, समीर कुमार महासेठ उद्योग, चंद्रशेखर शिक्षा विभाग होगा. 

सुमित कुमार सिंह को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुनील कुमार को मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन, अनीता देवी पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, जितेंद्र कुमार राय को कला संस्कृति एवं युवा, जयंत राज को लघु जल संसाधन, सुधाकर सिंह को कृषि, जमा खान को अल्पसंख्यक कल्याण, मुरारी प्रसाद गौतम को पंचायती राज, कार्तिक कुमार को विधि, शमीम अहमद को गन्ना उद्योग, शाहनवाज को आपदा प्रबंधन, सुरेंद्र राम को श्रम संसाधन, इसराइल मंसूरी को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग दिया गया है।


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