कर्मा धर्मा विसर्जन करने गयी लड़कियों से भरी ट्राली पलटी, 15 जख्मी, चार की हालत गंभीर

कर्मा धर्मा विसर्जन करने गयी लड़कियों से भरी ट्राली पलटी, 15 जख्मी, चार की हालत गंभीर

BAGAHA : ठकराहा थाना अंतर्गत गंडक नदी के जागिराहा घाट पर कर्मा धर्मा विसर्जन करने गई छोटी बड़ी बच्चियों से भरा ट्रैक्टर ट्राली पलट गयी. जिससे 15 से अधिक बच्चियां जख्मी हो गयी. स्थानीय लोगों के मदद से उन्हें निकालकर ठकराहा पीएचसी पहुँचाया गया. जिसमें चार की स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया. शेष का इलाज स्थानीय स्तर पर जारी है. घटना की  जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली को कब्जे में ले लिया है. घटना के सम्बन्ध में बताया जाता है कि भाईयों के दीर्घायु होने की कामना को लेकर बहनों ने शनिवार को कर्मा धर्मा का व्रत रखा था. जिसके  विसर्जन के लिये ट्रैक्टर ट्राली से सवार होकर नदी घाट पर पहुंची थी. 

विसर्जन के उपरान्त घर लौटते समय पीपी तटबन्ध से भवानी टोला जाने वाली सड़क में ट्रैक्टर ड्राईवर ने ट्रैक्टर को इस प्रकार मोड़ा की ट्राली लगभग 15 फीट नीचे गड्ढे में जा गिरी. ट्राली पर सवार किशोरी व छोटे बड़े बच्चे पानी गड्ढे में ट्राली के नीचे दब गए. शोर होने के बाद स्थानीय लोग पहुँच कर ट्राली में दबे बच्चों व किशोरियों को बाहर निकाला. जिसमें एक दर्जन से अधिक किशोरियों को आंशिक चोट लगी थी. जबकि रूपा टोला निवासी हरी चौधरी की 15 वर्षीय पुत्री अंजली कुमारी, दुर्गा चौधरी का 10 वर्षीय पुत्र कमलेश कुमार, लालसा चौधरी की 05 वर्षीय पुत्री सुमन, साधु चौधरी की 10 वर्षीय पुत्री शकुन्तला, मदारी चौधरी की 18 वर्षीय पुत्री प्रमिला तथा फौजदार चौधरी की 18 वर्षीय पुत्री परमपति कुमारी की हालत गंभीर देख लोगों ने उन्हें ठकराहा पीएचसी पहुँचाया. पीएचसी के चिकित्सक परवेज आलम ने चार की स्थिति बिगड़ते देख जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया. जबकि दो की इलाज पीएचसी में चल रहा है और शेष घर पर ही इलाज करा रहे है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल के साथ ठकराहा थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना का संज्ञान लिया और ट्राली को कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुट गए है. 

कर्मा धर्मा व्रत में विशेष


प्रखण्ड क्षेत्र में विशेष रूप से कुशवाहा व मल्लाह जाति के लोग ही कर्माधर्मा व्रत को मानते हैं. इन जातियों के लिये यह विशेष पर्व के रूप में मनाया है. यह पर्व भाद्रपद के एकादशी को मनाया जाता है. इस दिन कुंवारी  कन्यायें भाइयो के लम्बी उम्र व सुख समृद्धि के लिये कतरा के झरमुट व अगहनी धान जड़ सहित घर लेकर सारा दिन उपवास रह पूजा अर्चना करती है. रात्रि में नाच गान कर जागरण करती है. अगले सुबह गाजे बाजे के साथ नाच गान करते नदी पोखर तालाबो में विसर्जित करती है. 

लॉक डाउन के पाबन्दी के बाद भी बड़ी संख्या में घाट पहुंची किशोरियां 

किसी भी जगह भीड़ इकट्ठा न हो. इसको लेकर प्रशासन दुकान बंद करा रही है. लोगों को सड़क पर घूमने से मना कर रही है. वही सभी पाबंदियों के बीच एक साथ सैकड़ो की संख्या में एक साथ भीड़ बरसात के दिनों में नदी घाट जैसे संवेदनसील जगहों पर इकठा होना कही न कही स्थानीय प्रशासन के नाकामी को दर्शाता है. 

बगहा से माधवेन्द्र पाण्डेय की रिपोर्ट 

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