महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में बड़ा खुलासा, 11 पन्नों का मिला सुसाइड नोट, जानिये लेटर में क्या लिखा है

महंत नरेंद्र गिरि की मौत मामले में बड़ा खुलासा, 11 पन्नों का मिला सुसाइड नोट, जानिये लेटर में क्या लिखा है

Desk. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत का अभी तक स्पष्ट नहीं कारण पता नहीं चल पाया है. इस बीच महंत नरेंद्र गिरि के 11 पन्नों का सुसाइड नोट सामने आया है. इसमें सनसनी खेज खुलासा सामने आया है. इस सुसाइड नोट में महंत के शिष्य आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी पर नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने की चर्चा की गयी है.

महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है. उनके कमरे से बरामद सुसाइड नोट के सामने आने के साथ ही बाघंबरी गद्दी के उत्तराधिकारी का भी नाम सामने आ गया है. गिरि ने स्पष्‍ट शब्दों में अपने उत्तराधिकारी के तौर पर बलवीर गिरि का नाम लिखा है. इसी के साथ उन्होंने ये भी साफ किया है कि उनकी मौत के जिम्मेदार सीधे तौर पर आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संतोष तिवारी हैं, जो उन्हें मानसिक तौर पर परेशान कर रहे थे.

इसके साथ ही महंत नरेंद्र गिरि ने लिखा कि प्रिय बलवीर ‌गिरि मठ मंदिर की व्यवस्‍था का प्रयास करना, जिस तरह से मैं किया करता था. साथ ही उन्होंने अपने कुछ शिष्यों का ध्यान रखने की भी बात कही. इसके साथ ही उन्होंने महंत हरी गोविंद पुरी के लिए उन्होंने लिखा कि आप से निवेदन है कि मढ़ी का महंत बलवीर गिरि को ही बनाना. साथ ही महंत रविन्द्र पुरी जी के लिए उन्होंने लिखा कि आप ने हमेशा साथ दिया है, मेरे मरने के बाद भी मठ की गरिमा को बनाए रखना.

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