बिहार BJP ने सांसदों और संभावित कैंडिडेट का फीडबैक लेने को आज भेजा ऑब्जर्वर, कई संगठन जिला सांसदों के कब्जे में...क्या फीडबैक मिलेगा ?

बिहार BJP ने सांसदों और संभावित कैंडिडेट का फीडबैक लेने को आ

PATNA: लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी माहौल बनाने में जुटी है. कैंडिडेट चयन को लेकर तरह-तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं. पहले सभी लोकसभा क्षेत्रों में सर्वे कराई गई. अब पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है. जिस सीट पर भाजपा के सांसद हैं, उन संसदीय क्षेत्रों के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं. कई संसदीय क्षेत्रों में तो ऑब्जर्वर पहुंच भी गए हैं या पहुंचने वाले हैं. सभी पर्यवेक्षक फीडबैक लेकर नेतृत्व को अवगत कराएंगे. हालांकि इस मामले में सीटिंग सांसद बाजी मार लेंगे, क्यों कि नेतृत्व की तरफ से नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक कोर कमिटी के सदस्यों से फीडबैक लेंगे. कई ऐसे संगठन जिले हैं, जिसे सांसद मुट्ठी में रखते हैं. उन्हीं के हिसाब से जिलाध्यक्ष और कोर कमिटी सदस्यों को रखा जाता है. वैसे में कोर कमिटी के सदस्य सांसद के खिलाफ अपनी बात कहेंगे, यह संभव नहीं दिखता. 

भाजपा ने नियुक्त किए पर्यवेक्षक  

बिहार बीजेपी उम्मीदवारों को टिकट देने से पहले फीडबैक ले रही है. कहा जा रहा है कि फीडबैक के आधार पर ही उम्मीदवारी तय होगी. जिस सांसद के खिलाफ शिकायत होगी, कार्यकर्ता नाराज होंगे, उन्हें टिकट से वंचित किया जा सकता है. इसके लिए सभी 17 सांसदों का फीडबैक लेने, संभावित उम्मीदवारों के बारे में जानकारी लेने के लिए 17 ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं. जानकारी के अनुसार कई तो 28 तारीख को ही अलॉट किए गए संसदीय क्षेत्र में पहुंच गए हैं. ये सभी पर्यवेक्षक भाजपा के जिला कोर कमिटी के सदस्यों से बातचीत करेंगे, उम्मीदवारों के बारे में राय लेंगे. उनके क्षेत्र में कौन-कौन से संभावित कैंडिडेट हैं उनकी विस्तृत जानकारी लेकर प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराएँगे.

भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर को दरभंगा संसदीय क्षेत्र अलॉट किया गया है. बताया जाता है कि वे 28 फरवरी की शाम में ही दरभंगा पहुंच गए हैं और दल के नेताओ और जिला कोर कमिटी के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी राय भी जानी है. इसके अलावे शिवहर संसदीय क्षेत्र के लिए विधान परिषद सदस्य अनिल शर्मा को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. ये भी आज दोपहर शिवहर संगठन जिला के सदस्यों के साथ अलग-अलग वार्ता करेंगे और संभावित प्रत्याशियों के बारे में इनपुट लेंगे. इसके अलावे पूर्वीचंपारण (मोतिहारी) संसदीय क्षेत्र के लिए विधान पार्षद शाहनवाज हुसैन को पार्टी ने पर्यवेक्षक के तौर पर भेजा है. पूर्व केंद्रीय मंत्री भी मोतिहारी पहुंचने वाले हैं. ये मोतिहारी जिला कोर कमिटी के सदस्यों के साथ बातचीत करेंगे और सीटिंग सांसद राधामोहन सिंह के अलावे अन्य संभावित कैंडिडेट के बारे में फीडबैक लेंगे. 

जिला संगठन पर कई सांसदों की है पकड़ तो वे क्या फीडबैक देंगे...

बताया जाता है कि कई ऐसे सांसद हैं जो संगठन को अपनी जेब में रखते हैं. अपने हिसाब से ही जिलाध्यक्ष नियुक्त कराते हैं. साथ ही कोर कमिटी भी अपने हिसाब से या फिर अपनी जाति के अनुरूप रखते हैं. भाजपा का एक ऐसा संगठन जिला है जहां सांसद की राय से ही सब कुछ होता है. बताया जाता है कि कोर कमिटी में 30-40 फीसदी से अधिक सदस्य सांसद के स्वजातीय या बेहद खास लोग हैं. ऐसे में वे क्या फीडबैक देंगे, यह हर कोई समझ रहा है.